15वीं रैंक हासिल करने वाली स्वाति शर्मा
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यूपीएससी में जबलपुर शहर के बेटी स्वाति शर्मा ने 15वीं रैंक हासिल की है। उनका मानना है कि आंतरिक शक्ति ही सफलता की कुंजी है। बाहरी शक्तियों को कभी अपने ऊपर हावी नहीं होने देना चाहिए। मेरा मूल मंत्र मेहनत और सब्र है, जिससे आप सफलता हासिल कर सकते हैं।
स्वाति शर्मा ने बताया कि तीसरे प्रयास में उन्होंने यह सफलफा प्राप्त की है। उनका फोकस रैंक पर नहीं, बल्कि चयन पर था। इसलिए उन्होंने चयनित होने के लिए परिश्रम के साथ प्रयास किया, जिसका नतीजा है कि उन्हें 15वीं रैंक प्राप्त हुई। उन्होंने बताया कि वह रोजाना 10 से 12 घंटे पढ़ाई करती थीं। वह अपनी सफलता का श्रेय 50 प्रतिशत खुद की मेहनत तथा 50 प्रतिशत अपने परिवार और फैक्लटी को देती हैं। परिजनों और फैक्लटी ने उन्हें सदैव मोटिवेंट किया।
उन्होंने बताया कि यूपीएससी में चयन उनके जीवन को स्वर्णिम क्षण है, जिसके बाद उनकी जिन्दगी में बदलाव निर्धारित है। वह सदैव से आईएएस अधिकारी बनकर जनहित में कार्य करना चाहती थीं। परिजनों ,गुरुजों, शुभचिंतकों के सहयोग व आशीर्वाद से उन्हें यह अवसर मिल रहा है।
मुझे कोई भी दायित्व मिले उसका निर्वाह्न करते हुए जनहित में कार्य करना मेरा प्रयास रहेगा। मेरा मानना है कि मानव को कभी विचलित नहीं होना चाहिए। लक्ष्य प्राप्त करके ईनामदारी पूर्वक प्रयास करना चाहिए। समय भले लगे परंतु, सफलता अवश्य प्राप्त होगी। तीसरे प्रयास में मेरी मेहनत रंग लाई, इससे मैं बहुत खुश हूं।