अपर कलेक्टर न्यायालय ने लीज नवीनीकरण आवेदन को खारिज कर दिया।
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यूनाइटेड क्रिश्चियन मिशनरी सोसायटी को आवंटित 1 लाख 70 वर्गफीट जमीन शासन के नाम पर दर्ज करने के आदेश अपर कलेक्टर ने जारी किए हैं। सोसायटी की तरफ से दायर लीज नवीनीकरण के आवेदन को खारिज करते हुए उक्त आदेश जारी किए गए हैं। अपर कलेक्टर न्यायालय ने प्रकरण की सुनवाई के दौरान पाया कि सोसायटी ने पट्टे की शर्तों का उल्लंघन किया है।
बता दें कि शहर के पॉश इलाके नेपियर टाउन में यूनाइटेड क्रिश्चियन मिशनरी सोसायटी को आवासीय प्रयोजन के लिए 1 लाख 70 हजार वर्गफीट जमीन आवंटित की गई थी। वर्तमान में जमीन का मूल्य 136 करोड़ रुपये से अधिक है। जमीन की लीज मार्च 1999 में समाप्त हो गई थी। लीज नवीनीकरण के लिए सोसायटी ने पीसी सिंह में माध्यम से साल 2018 में अपर कलेक्टर न्यायालय में आवेदन पेश किया था। अपर कलेक्टर ने एसडीएम रांझी तथा तहसील से जांच प्रतिवेदन रिपोर्ट मांगी थी।
एसडीएम व तहसीलदार द्वारा पेश की गई जांच प्रतिवेदन रिपोर्ट में कहा गया था कि सोसासटी को आवासीय प्रयोजन के लिए जमीन लीज पर प्रदान की गई थी। पट्टा शर्तों का उल्लंघन करते हुए सोसायटी उसका व्यावसायिक उपयोग कर रही है। प्लॉट नम्बर 15 में भारतीय खाद्य निगम, इंडियन ओवर सीज बैंक तथा उसका एटीएम है। समाज के लोगों को वैवाहिक कार्यक्रम के लिए सद्भावना भवन बनाया गया है। इस प्रकार 26 हजार 700 वर्गफीट जमीन का व्यवसायिक उपयोग कर सोसायटी अवैधानिक तरीके से लाभ प्राप्त कर रही है।
इसके अलावा प्लॉट क्रमांक 15 की भूमि को समक्ष अधिकारियों की अनुमति के बिना ही 42 व्यक्तियों के नाम विक्रय किया गया है। इस प्रकार सोसायटी शासन से प्राप्त भूमि का निजी लाभ के लिए दुरुपयोग कर रही है। आवेदक विशप पीसी सिंह ने खुद अपने नाम 4 हजार वर्गफीट तथा 1784 वर्गफीट जमीन का विक्रयनामा करवाया है। पट्टा शर्तों का उल्लंघन करते हुए सोसायटी ने शासन को आर्थिक क्षति पहुंचाई है। लीज नवीनीकरण का अधिवक्ता नूर फखरुद्दीन सहित अन्य ने विरोध करते हुए आपत्ति पेश की थी। उनका तर्क था कि लीज नवीनीकरण से कॉलोनी के लोगों के आवाजाही प्रभावित होगी तथा बच्चों का खेल प्रदान समाप्त हो जाएगा।
अपर कलेक्टर शेरसिंह मीणा ने लीज नवीनीकरण आवेदन को खारिज करते हुए अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को उक्त भूमि शासन के नाम पर दर्ज करने के निर्देश जारी किए हैं।