कोरोना उपचार के दौरान मरीज की मौत के मामले में ओमती पुलिस ने निजी अस्पताल संचालक, डॉक्टर तथा अन्य के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है।
ओमती थाना प्रभारी प्रफुल्ल श्रीवास्तव ने बताया कि अधिवक्ता महेंद्र श्रीवास निवासी शीतला माई घमापुर ने न्यायालय में परिवाद दायर किया था। जिसमें कहा गया था कि उन्होंने पिता विजय कुमार श्रीवास को दिनांक 23 मार्च 21 को सिटी हॉस्पिटल में सीजीएचएस सुविधा के तहत एडमिट कराया था। डॉ. प्रदीप पटेल ने पिताजी को कोरोना पॉजीटिव बताते हुए उपचार के लिए भर्ती किया था। अस्पताल प्रबंधन ने 10 अप्रैल 2021 को जबरदस्ती डिस्चार्ज कर दिया था। डिस्चार्ज करवाने के बाद घर पर उनकी तबीयत बिगड़ती गई।
तीन दिन बाद उन्होंने अस्पताल के आईसीयू फर्स्ट ट्रॉमा में फिर और उनका सीटी स्कोर 18 बताया गया। उपचार के दौरान उन्हें सात नकली रेमडिसिवर इंजेक्शन लगाए गए थे। आईसीयू फर्स्ट ट्रॉमा वार्ड में कोविड एवं नॉन कोविड मरीजो को एक साथ भर्ती किया जाने की बात पर उनकी सोनिया खत्री (मैनेजर) और अभिषेक चक्रवर्ती (सीईओ) से कहा-सुनी हुई थी। अस्पताल प्रबंधन ने 30 घंटे के भीतर सेंकेड्री इंफेक्शन बताते हुए पिता को कार्डियक बिल्डिंग के आईसीयू वार्ड में शिफ्ट कर दिया। जहां 3 मई 2021 को उनकी मृत्यु हो गई। मृत्यु प्रमाण पत्र में मौत का कारण सडन कार्डिक अरेस्ट लिख दिया गया।
पूर्व में भर्ती के दौरान में पिता की मेडिकल फाइल चेक करने पर अधिवक्ता ने पाया था कि किसी दूसरे मरीज की जानकारी उसमें दर्ज है। अस्तपाल कर्मचारी उन्हें दूसरे मरीज की दवाई दे रहे थे। परिवाद की सुनवाई करते हुए न्यायालय ने प्रकरण दर्ज करने के निर्देश दिए थे। न्यायालय के आदेश पर सिटी हॉस्पिटल संचालक सरबजीत मौखा, डॉ. प्रदीप पटेल, सोनिया खत्री, अभिषेक चक्रवर्ती (सीआईओ) के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध कर प्रकरण को विवेचना में लिया गया है।