एक नाबालिग को जबरदस्ती अपने साथ ले जाकर शादी कर दुष्कर्म करने वाले आरोपी को अदालत ने दोषी करार देकर दस साल की सजा सुनाई है। पॉक्सो के विशेष न्यायाधीश ने आरोपी सतीश कुमार मेहरा पर पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इसके साथ ही पीड़िता को 50 हजार रुपये की प्रतिकर राशि प्रदान करने के आदेश दिए हैं।
अदालत को अभियोजन पक्ष की ओर से बताया गया कि 2 सितंबर 2027 को पीड़िता की मां ने लार्डगंज थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें उन्होंने बताया था कि आरोपी सतीश मेहरा 2 सितंबर को उनके घर आया और उनसे बातचीत की। इसके बाद उसने सतीश को जाने के लिए कहा। उसके बाद शाम से पीड़िता गायब हो गई। शिकायत पर पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर पीड़िता को ढूढ़ निकाला। जिसने अपने बयान में बताया कि आरोपी उसे बहुत परेशान करता था, जिस कारण उसने आत्महत्या करने की कोशिश भी की थी। उसके बाद आरोपी उसके घर शादी की बात करने आया, लेकिन उसकी मां ने मना कर दिया। जब उसकी मां काम पर चली गई तो आरोपी ने उसकी मां और घरवालों को जान से मारने की धमकी देकर उसे अपने साथ चलने कहा, जिस पर उसे जबरदस्ती जाना पड़ा।
पीड़िता ने बताया था कि आरोपी उसे दमोह ले गया, जहां दो तीन दिन रुकने के बाद गुजरात ले गया और वहां एक मंदिर में शादी कर ली। जिसके बाद वह पति-पत्नी की तरह रहने लगे। इसके बाद आरोपी उसे दिल्ली ले गया, जहां उसका गर्भपात हुआ। पुलिस ने मामले में दुराचार व पॉक्सो एक्ट सहित अन्य धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर अदालत के समक्ष चालान पेश किया। सुनवाई दौरान पेश किए गए गवाह व साक्ष्यों के मद्देनजर अदालत ने आरोपी सतीश मेहरा को दस साल के सश्रम कारावास व पांच हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।