फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jabalpur News: फ्लाईओवर की जनहित याचिका पर सुनवाई, सरकार ने सुरक्षा और संकेतक लगाने का दिया आश्वासन

Tue, 23 Sep 2025 10:37 AM IST
जबलपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर

सार

याचिका में फ्लाईओवर के किनारे बसे लोगों की निजता, ध्वनि प्रदूषण, तेज गति वाले वाहनों, लैंडिंग्स की ब्लॉक्ड स्थिति, और यू-टर्न की कमी जैसी समस्याएं उजागर की गईं। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने आश्वासन दिया कि फ्लाईओवर पर एंट्री-एक्जिट पॉइंट्स पर संकेतक लगाए जाएंगे।
विज्ञापन
मदन महल से दमोहनाका के बीच नवनिर्मित फ्लाईओवर। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मदन महल से दमोहनाका के बीच नवनिर्मित फ्लाईओवर की अव्यवस्था तथा लोगों को होने वाली असुविधा को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई थी। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा व जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ को याचिका की सुनवाई के दौरान राज्य शासन की तरफ से आश्वासन दिया गया कि नवनिर्मित फ्लाईओवर के ऊपर एंट्री तथा एक्जिट पाइंट्स पर संकेतक लगाए जाएंगे। फ्लाईओवर में यातायात व्यवस्था को कंट्रोल करने पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा। सरकार की ओर से कहा कि फ्लाईओवर पर होने वाले शोर का प्रभाव आसपास के निवासियों पर नहीं हो, इसलिए व्यू कटर लगाने की सभी संभावनाओं पर विचार किया जाएगा। युगलपीठ ने आश्वासन पर शीघ्र कारवाई के निर्देश देते हुए याचिका का निराकरण कर दिया।
विज्ञापन


तिलहरी निवासी अधिवक्ता अलका सिंह की तरफ से दायर याचिका में कहा गया था कि जबलपुर में मदन महल से दमोह नाका के बीच सात किलोमीटर लंबा फ्लाईओवर बनाया गया है। फ्लाईओवर व्यस्ततम आवासीय इलाके से होकर गुजरता है और उसके दोनों तरफ एकदम सट कर आवासीय कॉलोनियां है। इसके चलते फ्लाई ओवर के किनारे निवास करने वाले नागरिकों की निजता का उल्लंघन हो रहा है। फ्लाईओवर पर 100 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से वाहन गुजरते है। हार्न और वाहनों के कोलाहल से आसपास के इलाके में ध्वनि प्रदूषण हो रहा है। इसके अलावा फ्लाईओवर लैंडिंग्स पूरी तरह ब्लॉकिड हैं। लैंडिंग्स पर कहीं भी यू-टर्न नहीं बनाया गया है। खासकर मदन महल और राइट टाउन में फ्लाईओवर की लैंडिंग बेहद खतरनाक है। यू-टर्न नहीं होने के कारण लैंडिंग्स पॉइंट, एक्सीडेंटल पॉइंट बनते जा रहे हैं। फ्लाईओवर पर मुडऩे के लिए समुचित संकेतक नहीं होने से दिन में कई बार बाटलनेक बन रहे हैं, जिससे कारण जाम लग जाता है।

यह भी पढ़ें- RTO का ताबड़तोड़ एक्शन, सड़कों पर मचा हड़कंप, कई बसें जब्त
विज्ञापन
विज्ञापन


रात को बाइकर्स बेहद तेज रफ्तार से फ्लाई ओवर से होकर गुजरते हैं, जिसके कारण सडक दुर्घटना का खतरा बना रहता है।  शाम होते ही फ्लाईओवर पर छेड़छाड़ की घटनाएं भी हो रही हैं। ट्रैफिक व व्यवस्था को कंट्रोल करने पुलिस बल तैनात नहीं रहता है। फ्लाईओवर से लोग नीचे कचरा फेंकते हैं, थूकते हैं। गंदगी किनारे बने मंदिरों के ऊपर गिरती है। इससे धार्मिक आस्था को भी चोट पहुंच रही है। सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता आदित्य संघी ने तर्क दिया कि फ्लाईओवर के दोनों किनारो पर अहमदाबाद की तर्ज पर व्यू कटर लगाया जाए। जिससे आसपास के निवासी ध्वनि प्रदूषण व गंदगी से बच सकें। लैंडिंग्स के आगे यू-टर्न बनाए का निर्माण किया जाये,जिससे लोग दुर्घटना तथा जाम की परेषानी से बच सके। युगलपीठ ने सरकार के आष्वासन को रिकॉर्ड में लेते हुए उक्त आदेष के साथ याचिका का निराकरण कर दिया।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें