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Jabalpur News: पांच वकीलों की सनद की निलंबित, राज्य अधिवक्ता परिषद ने इसलिए लिया ये कड़ा एक्शन

Mon, 22 Sep 2025 10:34 PM IST
जबलपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर

सार

उज्जैन के पांच अधिवक्ताओं को हत्या के प्रयास मामले में सात-सात साल की सजा मिलने पर मध्य प्रदेश राज्य अधिवक्ता परिषद ने उनकी सनद निलंबित कर दी। अब वे किसी भी न्यायालय में पैरवी नहीं कर सकेंगे। पीड़ित की शिकायत पर परिषद ने अधिवक्ता अधिनियम 1961 की धारा 35 के तहत कार्रवाई की। 
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पांच वकीलों की सनद निलंबित कर दी गई है। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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मध्य प्रदेश राज्य अधिवक्ता परिषद ने आपराधिक प्रवृत्ति के वकीलों के विरुद्ध सख्ती बरती है। न्यायालय द्वारा हत्या का प्रयास के अपराध में सात-सात साल की सजा से दंडित किए जाने पर परिषद ने उज्जैन में पांच अधिवक्ताओं की सनद निलंबित कर दी है। सनद निलंबित होने के कारण यह अधिवक्ता पैरवी के लिए, अधिवक्ता के रूप में न्यायालय के समक्ष विधि व्यवसाय करने हेतु पात्र नहीं रहेंगे।

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गौरतलब है कि अपर सत्र न्यायाधीश इंदौर ने घनश्याम पटेल पर प्राणघातक हमला करने के आरोप में उज्जैन निवासी अधिवक्ता धर्मेन्द्र कुमार शर्मा, शैलेन्द्र कुमार शर्मा, सुरेन्द्र कुमार शर्मा, भावेन्द्र शर्मा व पुरुषोत्तम राय को दोषी करार देते सात-सात साल की सजा से दंडित किया था। उनके खिलाफ पीड़ित घनश्याम पटेल पर जानलेवा हमला करने के आरोप में पुलिस ने उनके खिलाफ धारा 307 के तहत प्रकरण दर्ज कर न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया था।

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अधिवक्ताओं को न्यायालय द्वारा आपराधिक प्रकरण में सजा से दंडित किए जाने के संबंध में पीड़ित घनश्याम पटेल ने राज्य अधिवक्ता परिषद में शिकायत की थी। इसके बाद स्टेट बार ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए सभी अधिवक्ताओं के खिलाफ सनद निलंबित करने की कार्यवाही की। स्टेट बार चेयरमैन राधेलाल गुप्ता व वाइस चेयरमैन आरके सिंह सैनी ने स्पष्ट किया कि अधिवक्ता अधिनियम 1961 की धारा-35 के अंतर्गत पांचों अधिवक्ताओं की सनद आगामी आदेश तक तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दी गई है। सनद निलंबित होने के कारण पांचों अधिवक्ता भारत के किसी भी न्यायालय के समक्ष विधि व्यवसाय करने हेतु पात्र नहीं रहेंगे।

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