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Jabalpur: हाई कोर्ट के स्थगन आदेश के बावजूद CEO मांग रहा था रिश्वत, अचानक पहुंच गई लोकायुक्त पुलिस

Mon, 26 Dec 2022 09:10 PM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर

सार

मध्यप्रदेश सरकार की तमाम सख्तियों और लोकायुक्त पुलिस के एक्शन के बावजूद रिश्वतखोरी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे। आए दिन बेखौफ अधिकारी-कर्मचारी घूसखोरी करते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किए जा रहे हैं। ताजा मामला जबलपुर जिले से सामने आया है।
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CEO मांग रहा था रिश्वत - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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जबलपुर में हाई कोर्ट के स्थगन आदेश के बावजूद भी ज्वॉइनिंग के लिए जिला सहकारी बैंक के मुख्य कार्यपालन अधिकारी रिश्वत मांग रहे थे। लोकायुक्त की टीम ने सीईओ को कार्यालय में 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा। सीईओ के रिटायरमेंट में सिर्फ छह महीने का समय बचा है।

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लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक संजय साहू ने बताया, शिकायतकर्ता राधेलाल यादव पिता स्वर्गीय सरजू प्रसाद यादव प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति तलाड़ तहसील मझौली में समिति प्रबंधक के पद पर पदस्थ था। जिला प्रशासन की ओर से उसकी सेवा समाप्त कर दी गई थी। उसने हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी और स्थगन आदेश प्राप्त कर लिया था। स्थगन आदेश के साथ शिकायतकर्ता ने ज्वॉइनिंग और चार्ज प्रदान करने का आवेदन किया था।

शिकायत लोकायुक्त विभाग से की गई...
जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित के सीईओ वीरेश कुमार पिता स्वर्गीय हेमचंद जैन (62 ने 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी, जिसकी शिकायत पीड़ित ने लोकायुक्त विभाग से की थी। शिकायतकर्ता ने सोमवार को सहकारी केन्द्रीय बैंक पहुंचकर सीईओ वीरेन्द्र कुमार जैन को रिश्वत के 20 हजार रुपये दिए। तभी लोकायुक्त टीम ने दबिश देकर सीईओ को रंगे हाथ पकड़ लिया। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।

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