जबलपुर के पनागर थाना क्षेत्र में मामा पर जानलेवा हमला कर उसकी भांजी के साथ दुष्कर्म करने वाले आरोपी धर्मेन्द्र गड़ारी को पॉक्सो की विशेष अदालत ने दोषी करार देते हुए सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इसके साथ पीड़िता को दो लाख रुपये प्रतिकर की राशि प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। प्रकरण के सुनवाई के दौरान पीड़िता तथा अभियोजन साक्षी पक्षद्रोही हो गए थे। न्यायालय ने डीएनए रिपोर्ट के आधार पर आरोपी को सजा से दंडित किया।
अभियोजन पक्ष की ओर से न्यायालय को बताया गया कि मैहर निवासी पीड़िता को उसका मामा विवाह समारोह में शामिल होने के लिए लेकर आ रहा था। दोनों 18 अप्रैल को ट्रेन से रात 9 बजे देवरी रेलवे स्टेशन पहुंचे थे। साधन नहीं मिलने के कारण दोनों ग्राम ईमलई होते हुए तिगवा जा रहे थे। स्टेशन के बाहर ईमलई रोड पर एक मोटरसाइकिल में दो लड़के मिले जो उसे देखकर बोले कि हमारी मोटरसाइकिल में बैठ जाओ तुम्हे कहां जाना है छोड़ देंगे। पीड़िता ने यह बात अपने मामा को बताई तब मामा ने उन्हें डाटा था। इसके बाद दोनों लड़के मोटरसाइकिल पर बैठकर ग्राम ईमलई की तरफ चले गए।
पीड़िता जब अपने मामा के साथ ईमलई रोड से पैदल जा रही थी। रास्ते के मोड़ में वही दो लड़के मिले और बोले कि तुम दोनो के बीच में क्या चल रहा है तब उसके मामा ने बोले कि वह मेरी भांजी है। उन लड़कों ने बाइक खड़ी करके उसे और उसके मामा को रोका और उसके मामा के साथ मारपीट कर रोड के अंदर खेत में झाड़ी की तरफ ले गए और चाकू से कई बार किए तथा कपड़े भी उतरवा लिए और पेंट से 350 रुपये भी छीन लिए। उसके मामा जान बचाकर वहां से भागे। इसके बाद दोनों ने उसे झाड़ी में खींचकर ले गये और उसके साथ गलत काम किया। घटना की शिकायत पिता द्वारा अगले दिन पनागर थाने में दर्ज करवाई गई थी। पुलिस ने धारा 307 व दुराचार सहित पॉक्सो एक्ट व अन्य धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर अदालत के समक्ष चालान पेश किया।
डीएनए रिपोर्ट बनी सजा का आधार
सुनवाई दौरान पीड़िता व उसके परिजन न्यायालय में पक्षद्रोही कथन किए। अतिरिक्त जिला लोक अभियोजन अधिकारी स्मृतिलता बरकड़े ने डीएनए रिपोर्ट पॉजिटिव होने के आधार पर आरोपी को दंडित करने का आग्रह किया। जिससे सहमत होते हुए न्यायालय ने आरोपी धर्मेन्द्र गड़ारी को उक्त सजा से दंडित किया। प्रकरण के दूसरे आरोपी को साक्ष्यों के अभाव में न्यायालय ने दोषमुक्त कर दिया।