रक्षा क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में 600 करोड़ के निवेश के लिए अशोक लीलैंड और आर्मर्ड व्हीकल कॉर्पोरेशन लिमिटेड में करार हुआ। रक्षा क्षेत्र में यह नया कदम है। अब तक मध्य प्रदेश में तोप निर्माण हो रहा था। अब सेना के टैंक भी मध्य प्रदेश में ही बनेंगे।
प्रदेश में तराशेंगे हीरे
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खनिज के क्षेत्र में ओडिशा के बाद मध्य प्रदेश दूसरे स्थान पर है। खदानों की नीलामी में मध्य प्रदेश की पारदर्शी प्रक्रिया देश में अग्रणी है। भारत सरकार ने पुरस्कार भी दिया है। प्रदेश के पन्ना जिले में हीरा उत्पादन होता है। अब हीरों को तराशने का कार्य भी प्रदेश में किया जाएगा।
निवेशकों ने जताया भरोसा- मध्य प्रदेश बनेगा सरताज
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने राज्य की खनिज नीति के संदर्भ में मार्गदर्शक पुस्तिका का विमोचन किया। कॉन्क्लेव में हीडलबर्ग सीमेंट के सीईओ जॉयदीप मुखर्जी, प्रतिभा सिंटेक्स के एमडी श्रेयस्कर चौधरी, वीई कमर्शियल व्हीकल के एमडी विनोद अग्रवाल और एसआरएफ लिमिटेड के सीएमडी आशीष भारतम ने प्रदेश में निवेश के अनुभव साझा किए। मुखर्जी ने कहा कि उन्हें लीडरशिप पर भरोसा है। चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव की कथनी और करने में अंतर नहीं है। वॉल्वो आयशर के विनोद अग्रवाल ने कहा कि उन्हें मध्य प्रदेश में 35 हजार से अधिक लोगों को रोजगार देकर खुशी हुई है। मध्य प्रदेश भारत का दिल है और अब सरताज भी बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अग्रवाल से आग्रह किया कि वे मध्य प्रदेश में रिसर्च सेंटर भी प्रारंभ करें।
रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव
- फोटो : @DrMohanYadav51
मुख्यमंत्री ने कहा- 160 से अधिक देशों को दवा भेजते हैं हम
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में उद्योगपतियों से मध्यप्रदेश में निवेश करने का आमंत्रण दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सिर्फ पांच मेडिकल कॉलेज होते थे। अब यह संख्या 25 होने वाली है। प्रदेश में फार्मा सेक्टर की 275 यूनिट काम कर रही हैं। अकेले पीथमपुर में ही 60 इकाइयां हैं। प्रदेश से 160 से अधिक देशों को फार्मा प्रोडक्ट भेजे जाते हैं। फूड प्रोसेसिंग में हम 150 प्रतिशत प्रोत्साहन देने को तैयार हैं। उद्योगों को पानी और बिजली की आपूर्ति की कोई कमी नहीं है। आठ मेगा फूड पार्क संचालित हो रहे हैं। दो और मेगा फूड पार्क आ रहे हैं।
यह भी रहे मौजूद
अडानी पावर, नेटलिंक, वैद्यनाथ ग्रुप, दावत फूड्स, वॉल्वो आयशर, एवीएनएल, एनसीएल, स्वराज शूटिंग, लोहिया एनर्जी, आदिशक्ति राइस मिल, फिनिक्स पोल्ट्री, इंफोविजन दुबई और दलित चैम्बर ऑफ कॉमर्स (डिकी ) सहित अनेक उद्योग संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे। प्रमुख सचिव राघवेंद्र कुमार सिंह सभी निवेशकों को 7-8 फरवरी 2025 को भोपाल में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर सम्मिट में सहभागिता के लिए आमंत्रित किया। बैद्यनाथ ग्रुप, आईटीसी, वॉल्वो आयशर, बेस्ट कॉर्प, एसआरएफ और दावत ग्रुप जैसे प्रमुख उद्योगों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। ताइवान, मलेशिया, यूके, फिजी, कोस्टा रिका और इंडोनेशिया जैसे देशों के प्रतिनिधि भी कॉन्क्लेव में शामिल हुए।
30 उद्योगपतियों से सीएम का वन-टू-वन
कॉन्क्लेव ने 700 से अधिक बायर-सेलर मीट के लिए एक प्लेटफॉर्म का काम किया। इससे व्यवसायों और संभावित निवेशकों में सीधी बातचीत की सुविधा मिली। मुख्यमंत्री और प्रमुख उद्योगपतियों के बीच लगभग 30 वन-टू-वन बैठकें हुईं।