मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय, जबलपुर
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हाईकोर्ट में भोपाल कलेक्टर के खिलाफ दूसरी बार अवमानना याचिका दायर की गई थी, जिसमें हाईकोर्ट के पूर्व आदेश का पालन न किए जाने को चुनौती दी गई थी। जस्टिस ए.के. सिंह की एकलपीठ ने सुनवाई करते हुए कलेक्टर को निर्देश दिया कि 10 दिनों के भीतर पूर्व में पारित आदेश का पालन करें। आदेश की अवहेलना की स्थिति में कलेक्टर को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहना होगा।
याचिकाकर्ता अधिवक्ता अरविंद वर्मा की ओर से दायर याचिका में कहा गया कि 2020 में रेरा द्वारा बिल्डर के खिलाफ आरआरसी (राजस्व वसूली प्रमाण पत्र) जारी किया गया था, जिसका निष्पादन कलेक्टर भोपाल की जिम्मेदारी थी। परंतु कलेक्टर ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की, जिसके कारण हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर की गई थी। हाईकोर्ट ने कलेक्टर को 60 दिनों में आरआरसी निष्पादित करने का आदेश दिया था।
हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद कलेक्टर द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिससे मजबूर होकर याचिकाकर्ता ने दूसरी बार अवमानना याचिका दायर की। हाईकोर्ट ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि यदि याचिकाकर्ता को दोबारा अवमानना याचिका दायर करनी पड़ी, तो कलेक्टर से पहली और दूसरी याचिका की लागत वसूली जाएगी।
हाईकोर्ट ने कलेक्टर भोपाल को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे 10 दिनों में आदेश का पालन करें। मामले की अगली सुनवाई 12 मार्च को होगी। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता कपिल दुग्गल और अधिवक्ता ध्रुव वर्मा ने पैरवी की।