मप्र हाईकोर्ट ने दमोह शहर में अवैध होर्डिंग्स हटाने के संबंध में पूर्व में दी गई अंडरटेकिंग के बावजूद कोई कार्रवाई न किए जाने के मामले को गंभीरता से लिया है। चीफ जस्टिस रवि विजय मलिमथ व जस्टिस विशाल की युगलपीठ ने मामले में दमोह नगर पालिका अधिकारी को नोटिस जारी कर पूछा है कि क्यों न उनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई की जाए। युगलपीठ ने मामले की अगली सुनवाई 27 फरवरी को निर्धारित की है।
उल्लेखनीय है कि दमोह निवासी अनुराग हजारी की ओर से एक जनहित याचिका हाईकोर्ट में पूर्व में दायर की गई थी। इसमें कहा गया था कि दमोह शहर में अवैध होर्डिंग्स की भरमार है। इसकी शिकायत मुख्य नगर पालिका अधिकारी सहित कलेक्टर व अन्य जिम्मेदार अधिकारियों से की गई थी। हाईकोर्ट से नोटिस जारी होने के बाद नगर पालिका दमोह की ओर से अंडरटेकिंग दी गई थी कि वे संपूर्ण अवैध होर्डिंग्स हटाने की कार्रवाई करेंगे। उक्त जवाब पर न्यायालय ने वर्ष 2022 में जनहित याचिका का पटाक्षेप कर दिया था। लेकिन एक साल बीतने के बाद भी अवैध होर्डिंग्स हटाने कोई कार्रवाई नहीं की गई। जिस पर यह अवमानना याचिका दायर की गई। सुनवाई पश्चात् न्यायालय ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी दमोह को अवमानना नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता दिनेश उपाध्याय ने पक्ष रखा।