नौ साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म कर उसकी हत्या करने वाले दोषी को खंडवा जिला व सत्र न्यायालय द्वारा मृत्युदंड की सजा से दंडित किया गया था। हाईकोर्ट पूर्व में मृत्युदंड की पुष्टि कर चुका था। मृत्युदंड की पुष्टि के दूसरी बार मामला हाईकोर्ट पहुंचा है। आवेदक की तरफ से डीएनए रिपोर्ट के संबंध में आवेदन दायर किया गया है। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रवि विजय कुमार मलिमथ तथा जस्टिस विशाल मिश्रा ने याचिका पर अगली सुनवाई 20 जून को निर्धारित की है।
उल्लेखनीय है कि खंडवा जिला न्यायालय ने 4 मार्च 2013 को 9 साल की मासूम बच्ची के साथ दुराचार कर उसकी हत्या के आरोप में अनोखीलाल को मृत्युदंड की सजा से दंडित किया था। मृत्युदंड की पुष्टि के लिए प्रकरण को हाईकोर्ट भेजा गया था। हाईकोर्ट ने जिला व सत्र न्यायालय के फैसले को सही करार देते हुए मृत्युदंड की सजा पर सहमति प्रदान की थी। इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट की शरण ली गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने जिला न्यायालय को निर्देशित किया था कि विशेष बैंच द्वारा प्रकरण की पुन: सुनवाई की जाए।
विशेष बैंच ने प्रकरण की सुनवाई के बाद दोषी को अगस्त 2022 को मृत्युदंड की सजा सुनाई थी। विशेष बैंच ने सजा की पुष्टि के लिए प्रकरण को हाईकोर्ट रेफर किया था। दोषी की तरफ से भी सजा के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील दायर की गई थी। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की तरफ से डीएनए रिपोर्ट देने वाले डॉक्टर का परीक्षण की अनुमति प्रदान करने का आग्रह किया गया है। हाईकोर्ट ने सुनवाई के बाद उक्त निर्देश जारी किए। याचिकाकर्ता की तरफ से यज्ञावल्क शुक्ला ने पैरवी की।