मध्य प्रदेश हाईकोर्ट (फाइल फोटो)
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नक्सल प्रभावित बालाघाट में डबल मनी मामले में मिली पांच अभियुक्तों की जमानत हाईकोर्ट ने निरस्त कर दी है। हाईकोर्ट जस्टिस संजय द्विवेदी ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा है कि कीड़े का डिब्बा खुल गया है, जिसे बंद करना समय की आवश्यकता है। एकलपीठ ने पुलिस अधीक्षक बालाघाट को निर्देशित किया है कि पांच अभियुक्तों को गिरफ्तार किया जाए।
सरकार की तरफ से दायर याचिका में डबल मनी मामले में गिरफ्तार मुख्य आरोपी सोमेन्द्र कन्करायने की जमानत निरस्त करने की राहत चाही गई थी। इधर पूर्व विधायक किशोर समरिते ने मुख्य आरोपी सहित पांच आरोपियों की जमानत निरस्त करने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका में कहा गया था कि आरोपियों ने अल्प समय में राशि दुगुना करने का प्रलोभन देकर बड़ी मात्रा में लोगों से राशि ली थी। एजेंट के माध्यम से आरोपी लोगों से रुपये एकत्र करवाते हैं। यह कृत्य अनियमित जमा योजना प्रतिबद्ध अधिनियम 2019 के प्रावधानों का स्पष्ट उल्लंघन था। लांजी थाने में आरोपियों के खिलाफ 17 मई 2021 को विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया गया था।
उक्त प्रकरण में 25 जुलाई 2021 को हाईकोर्ट से जमानत का लाभ मिल गया था। प्रकरण में पुलिस ने विवेचना के बाद न्यायालय में चालान पेश कर दिया है। डबल मनी का प्रलोभन देकर लोगों से राशि ठगने की शिकायत लगातार प्राप्त हो रही है। जांच के लिए मुख्य आरोपी को धारा 160 के तहत नोटिस दिया गया था, परंतु उसने किसी प्रकार का सहयोग नहीं किया। इसके अलावा एजेंट सहित अन्य संबंधित व्यक्तियों की संदिग्ध अवस्था में लाशें मिली हैं। जिसके कारण अभियोजन गवाहों में भय है और वे न्यायालय में पक्षविरोधी हो रहे हैं। एकलपीठ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उक्त तल्ख टिप्पणी के साथ पांच अभियुक्त को पूर्व में मिली जमानत को निरस्त कर दिया है।