मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी व वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी भर्ती प्रक्रिया में अनियमित्ताओं का आरोप लगाते हुए मामले को कटघरे में रखा गया है। जस्टिस विशाल धगट की एकलपीठ के समक्ष मामले की प्रारंभिक सुनवाई हुई, जिस पर न्यायालय ने मामले में राज्य शासन व अन्य को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने के निर्देश दिये हैं।
मामले की अगली सुनवाई पांच फरवरी को निर्धारित की गई है। यह मामला तेंदूखेड़ा जिला दमोह निवासी सुरेंद्र यादव की ओर से दायर किया गया है, जिसमें कहा गया है कि भर्ती प्रकिया में अनारक्षित का कट ऑफ 137.5 तो ओबीसी का कट ऑफ 140.75 कैसे हुआ। ओबीसी के मेरिटोरियस अभ्यर्थियों का चयन अनारक्षित में नहीं किया गया है। आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया में खुले तौर पर आरक्षण नियम का उल्लंघन किया गया है।
अनारक्षित पदों को भरने के पूर्व आरक्षित पदों की भर्ती सीधे तौर पर आरक्षण नियम के उल्लंघन की परिधि में आती है। इस तरह ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी व वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी भर्ती परीक्षा-2020 पूरी तरह कटघरे में रखे जाने योग्य है। याचिकाकर्ता सहित अन्य आरक्षण नियम के उल्लंघन से भर्ती से वंचित रह गए इसीलिये हाईकोर्ट की शरण ली गई है।
मामले में सचिव व अतिरिक्त संचालक कृषि विभाग व कर्मचारी चयन मंडल को पक्षकार बनाया गया है। सुनवाई पश्चात् न्यायालय ने अनावेदकों को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने के निर्देश दिये हैं। मामले में याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता विनायक शाह व डॉ. प्रतीक्षा सिंह ने पक्ष रखा।