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MP Election 2023: निवास विधानसभा में जिसने फहराया परचम, प्रदेश में उसकी बनी सरकार, पांच दशक से ऐसा है इतिहास

Thu, 19 Oct 2023 09:03 AM IST
अंकिता विश्वकर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर/मंडला

सार

MP Election 2023: मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनावों का बिगुल बज उठा। भाजपा और कांग्रेस दोनों जीत के लिए जी तोड़ मेहनत कर रही हैं। मंडला जिले की निवास विधानसभा सीट का इतिहास काफी रोचक रहा है। कहते हैं यहां जिस पार्टी की जीत होती है उसी की प्रदेश में सरकार बनती है। 
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MP Election 2023 - फोटो : अमर उजाला
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 मंडला जिले की निवास विधानसभा सीट का इतिहास काफी रोचक रहा है। कहते हैं यहां जिस पार्टी की जीत होती है उसी की प्रदेश में सरकार बनती है। पिछले साढे पांच दशकों यानी 50 साल से अधिक समय से यह इतिहास बरकरार है। इस विधानसभा सीट पर इस बार केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते का मुकाबला कांग्रेस के वर्तमान विधायक डॉ. अशोक मर्सकोले से है। 30 साल पहले मिली पराजय के बाद केंद्रीय मंत्री कुलस्ते इस विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं।

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1977 में हुए विधानसभा चुनाव में इस सीट से जनता पार्टी के प्रत्याशी के रूप में फग्गन सिंह विजयी हुए थे। तब प्रदेश में जनता पार्टी की सरकार बनी थी। 1980 में कांग्रेस पार्टी से दलपत सिंह उइके विजयी हुई थे। तब भी प्रदेश में कांग्रेस पार्टी की सरकार बनी थी। 1985 में कांग्रेस पार्टी के दयाल सिंह तुमराची विजयी हुए और प्रदेश में पुनः कांग्रेस की सरकार बनी। 1990 में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी फग्गन सिंह कुलस्ते विजयी हुए और प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी।

1993 में हार गए थे कुलस्ते
फग्गन सिंह कुलस्ते को 1993 में हुए विधानसभा चुनाव में पराजय का सामना करना पड़ा। कांग्रेस के दयाल सिंह तुमराची विजयी हुए और प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी। 1998 में कांग्रेस के सूरत सिंह मरावी विजयी हुए और प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी। 2003 से 2018 तक भाजपा के राम प्यारे कुलस्ते इस सीट से विधायक थे और प्रदेश में भाजपा की सरकारी थी। 2018 में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के डॉ. अशोक मर्सकोले ने विजय हासिल की और प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी। हालांकि, कांग्रेस पार्टी सिर्फ सवा साल तक सत्ता में रही और प्रदेश में पुनः भाजपा की सरकार काबिज हो गई।
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यह तो मात्र संयोग, मुख्य समस्या पेयजल
इस संबंध में क्षेत्र के सरपंच सेमू मरकाम का कहना है कि यह एक मात्र संयोग है। निवास की जनता के सामने मुख्य समस्या जल संकट है। नर्मदा की बाई नजर परियोजना प्रारंभ होने से लोगों को राहत मिल सकती है। पूर्व सरपंच मनमोहन सिंह का कहना है कि प्रदेश की सत्ता की चाबी निवास विधानसभा सीट से जीत है। वह भी इस बार जनक्रांति पार्टी से चुनाव लड़ने वाले हैं। आदिवासी जनता को लुभावने सपने दिखाकर उन्हें छला जाता है। 
गौरतलब है कि 30 साल पहले केन्द्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते को इस सीट से पराजय का सामने करना पड़ा था। इसके बाद वे मंडला लोकसभा सीट से चुनाव लड़ते आ रहे हैं और उन्हें सिर्फ दो बार पराजय का सामना करना पड़ा। वर्तमान में वे मंडला से सांसद हैं।

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