रानी परिहार ने बताया कि शुरुआत में हमें आम की इतनी बड़ी कीमत के बारे में कुछ नहीं पता था। पहले इस दंपत्ति को लाल रंग के दो आम के फल दिखाई दिए। जब उन्होंने इसके किस्म के बारे में पता लगाया, तब जानकारी मिली कि यह मियाजाकी आम है, जो पिछले साल अंतरराष्ट्रीय बाजार में 2.70 लाख रुपये प्रति किलो बिक रहा था।
पिछले साल चोरी हो गए थे दो आम
जब इन आमों की कीमत के बारे में लोगों को पता चला तो चोरों ने बाग पर हमला बोल दिया। दो आम और पेड़ की डालियां चुरा ले गए। यही कारण है कि इस बार हमने इसकी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि हम किसी तरह पेड़ को बचाने में कामयाब हुए और इस साल हमने उस पेड़ की सुरक्षा का विशेष इंतजाम किया है, जिसमें सात आम हैं।
रानी परिहार ने बताया कि हम पौधों की खरीद के लिए चेन्नई जा रहे थे, तो ट्रेन में एक को पैसेंजर ने मुझे ये पौधे दिए और इन पौधों को अपने बच्चे की तरह पालने और सेवा करने के लिए कहा है। तब हमें पता नहीं था कि ये स्पेशन ब्रीड का आम है। रानी ने कहा कि हमने किस्म के बारे में जाने बिना बाग में रोप दिया। पिछले साल जब फल देखकर हमें हैरानी हुई। इसलिए मैंने अपनी मां के नाम दामिनी के नाम पर फलों का नाम रखा। बाद में हमने इस किस्म के बारे में खोज की तो असली नाम का पता चला, लेकिन यह अभी भी मेरे लिए दामिनी ही है।
लाखों के आम को कितने में बेचेंगे इसके मालिक
रानी परिहार ने कहा कि इस आम के खरीददार इसकी खासियत सुनकर बड़ी कीमत देने को तैयार हैैं, लेकिन हमने फैसला किया है कि इसको नहीं बेचेंगे। इसका उपयोग और पौधे उगाने में करेंगे। विशेषज्ञों के अनुसार, ये अफगानिस्तान के नूरजहां आम के बाद जापानी आम अपने स्वाद के कारण चर्चा में हैं। हालांकि, यह हाइब्रीड आम इतना महंगा क्यों है, इस बारे में और जानकारी ढूंढने की जरूरत है।