सीएसपी सुनील नेमा ने बताया कि आरोपी आसिफ अंसारी ने बूढ़ी खेरमाई मंदिर को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ एनएसए की कार्रवाई करते हुए उसे जेल भेज दिया।
शक्तिपीठ के रूप में प्रतिष्ठित बूढ़ी खेरमाई मंदिर को लेकर एक मुस्लिम युवक द्वारा व्हाट्सएप आईडी से की गई आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद शहर में तनाव का माहौल बन गया। धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचने के विरोध में लोगों ने सराफा चौक पर एकत्र होकर प्रदर्शन किया। हनुमानताल पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके विरुद्ध राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत कार्रवाई करते हुए उसे जेल भेज दिया।
उल्लेखनीय है कि हनुमानताल क्षेत्र में स्थित प्राचीन बूढ़ी खेरमाई मंदिर शहर के हिंदू समुदाय की आस्था का केंद्र है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर में दर्शन के लिए आते हैं। विशेषकर नवरात्र और अन्य प्रमुख त्योहारों के अवसर पर यहां भव्य मेले का आयोजन होता है। सोशल मीडिया पर इस मंदिर के संबंध में की गई विवादित टिप्पणी के कारण श्रद्धालुओं में आक्रोश व्याप्त हो गया। इस घटना के विरोध में बड़ी संख्या में लोग सराफा चौक पर एकत्र हुए और प्रदर्शन किया। सूचना मिलने पर प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को दोषी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद प्रदर्शन शांतिपूर्ण रूप से समाप्त हुआ।
सीएसपी गोहलपुर, सुनील नेमा ने बताया कि आरोपी आसिफ अंसारी के व्हाट्सएप आईडी के माध्यम से बूढ़ी खेरमाई मंदिर को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की गई थी। हिंदू संगठनों की शिकायत पर हनुमानताल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच प्रारंभ की। जांच के आधार पर पुलिस ने आरोपी अब्दुल मजीद पिता अब्दुल हफीज, निवासी गोहलपुर को एनएसए के अंतर्गत गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया।