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Jabalpur: जेडीए के बाबू को चार साल की सजा, 35 लाख का जुर्माना, आय से अधिक संपत्ति मामले में कोर्ट का फैसला

Wed, 20 Nov 2024 10:06 PM IST
जबलपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर

सार

जबलपुर। लोकायुक्त अदालत ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में जबलपुर विकास प्राधिकरण के पूर्व लिपिक मुकेश दुबे को दोषी ठहराते हुए 4 साल के कारावास और 35 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। 2012 में उनके घर पर छापे में वैध आय से 55% अधिक 43.65 लाख रुपये की अनुपातहीन संपत्ति मिली थी। अदालत ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत सजा सुनाई।

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जबलपुर लोकायुक्त कोर्ट का फैसला - फोटो : ANI
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विस्तार
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लोकायुक्त अदालत ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में जबलपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) के पूर्व लिपिक मुकेश दुबे को दोषी ठहराया है। विशेष न्यायाधीश अमजद अली खान की अदालत ने आरोपी को चार साल के कारावास और 35 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।

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लोकायुक्त के विशेष लोक अभियोजक प्रशांत शुक्ला ने बताया कि 14 फरवरी 2012 को लोकायुक्त ने आरोपी के विजय नगर स्थित निवास पर छापा मारा था। जांच में आरोपी के पास 43.65 लाख रुपये से अधिक की अनुपातहीन संपत्ति पाई गई। यह आरोपी और उसकी पत्नी की कुल वैध आय (75,13,141 रुपये) से 55% अधिक थी। आरोपी के पास 1.19 करोड़ रुपये से अधिक के व्यय का हिसाब नहीं था।

21 दिसंबर 2016 को लोकायुक्त ने आरोपी के खिलाफ चालान पेश किया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन ने 45 गवाह और आरोपी ने 33 गवाह प्रस्तुत किए। पेश किए गए सबूतों और गवाहों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दोषी ठहराया।

न्यायालय ने आरोपी को चार साल के कारावास की सजा सुनाई और 35 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। जुर्माना न भरने की स्थिति में आरोपी को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। यह मामला भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम उठाने का एक उदाहरण है, जिसमें न्यायालय ने साक्ष्यों के आधार पर दोषी को सजा दी। 

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