बेटी की मौत से विचलित महिला ने जादू-टोने के शक पर पड़ोस में रहने वाली दो वर्षीय मासूम बच्ची की गला दबाकर हत्या कर दी थी। अपर सत्र न्यायाधीश ने आरोपी महिला को दोषी करार देते हुए उसे आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया है।
अभियोजन के अनुसार कंचनपुर निवासी बबीता साहनी उम्र 19 साल बेकरी में काम करती थी। महिला ने एक बच्ची को जन्म दिया था, जिसकी पीलिया की बीमारी से 20 दिनों बाद ही मृत्यु हो गयी थी। महिला को षंक था कि पड़ोस में रहने वाली ठाकुर परिवार द्वारा जादू-टोना करने से उसकी बच्ची की मौत हुई थी। जिसके कारण वह महिला से ठाकुर परिवार से रंजिष रखती थी।
ठाकुर परिवार की दो वर्षीय बच्ची 5 फरवरी 2021 को घर के सामने खेल रही थी। बच्ची को अकेला देख आरोपी महिला उसे बहला-फुसलाकर अपने घर ले गयी और चुन्नी से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। बच्ची के लापता होने परद ठाकुर परिवार ने मोहल्ले में उसकी तलाश शुरू की। मोहल्ले के सभी घर खुले हुए थे, सिर्फ आरोपी महिला का घर बंद था। महिला का घर खुला कर तलाशी ली तो बच्ची मृत अवस्था में मिली। पुलिस ने आरोपी महिला के खिलाफ हत्या व अपहरण का प्रकरण दर्ज कर प्रकरण को न्यायालय में पेश किया था।
न्यायालय ने प्रकरण की सुनवाई के दौरान पेश किये गये साक्ष्य व गवाहों के आधार पर आरोपी महिला को हत्या व अपहरण का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया। न्यायालय ने आरोपी महिला पर दो हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।