जबलपुर में स्क्रैप यार्ड में धमाके में बिल्डिंग पूरी तरह तबाह हो गई।
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जबलपुर के अधारताल थानान्तर्गत खजरी-खिरिया बायपास स्थित स्क्रैप यार्ड में हुए धमाके की जांच करने नेशनल सिक्योरिटी गार्ड की टीम करेगी। टीम जबलपुर पहुंच गई है। टीम के सदस्यों ने शुक्रवार को पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने स्क्रैप यार्ड संचालक सहित अन्य के खिलाफ आधारताल थाने में प्रकरण दर्ज करते हुए दो व्यक्तियों को अभिरक्षा में लिया है। इसके अलावा प्रशासन द्वारा यार्ड संचालक के अवैध रूप से बने दो मकानों के हिस्सों को तोड़ा गया।
गौरतलब है कि गुरुवार दोपहर लगभग 12.15 बजे खजरी-खिरिया बायपास स्थित शमीम गाजी के स्क्रैप यार्ड में धमाका हो गया। धमाका इतना तेज था कि यार्ड की छत तथा दीवार पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। ब्लास्ट जिस स्थान पर हुआ है, वहां बडा से गड्ढा हो गया है। स्क्रैप यार्ड के अंदर सेना में उपयोग किए जाने वाले बम के खोखे मिले हैं। विस्फोट इतना तेज था कि उसकी आवाज पांच किलोमीटर दूर तक सुनी गई थी। विस्फोट के कारण उठते धुंए को कई किलोमीटर दूर से देखा जा सकता था। विस्फोट के कारण लोगों को ऐसा लगा कि भूकंप आ गया है। पुलिस को मलबे में इंद्राना निवासी भोला नामक युवक का क्षत-विक्षत शव मिला था। इसके अलावा कई मानव अंग भी मिले थे।
पुलिस के साथ एनएसजी की टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया।
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पुलिस महानिरीक्षक अनिल सिंह कुशवाह के अनुसार यार्ड संचालक अपने परिवार सहित फरार है। अधारताल थाने में यार्ड संचालक सहित अन्य के खिलाफ धारा 304,120 तथा विस्फोटक एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है। पुलिस ने दो लोगों को अभिरक्षा में लिया है और उससे पूछताछ जारी है। इसके अलावा आरोपी यार्ड संचालक शमीम के दो घरों के अवैध हिस्से को प्रशासन द्वारा तोड़ा गया है। यार्ड में मिले सेना के बमों के खाली खोखे मिले थे, जिसके संबंध में भी जांच जारी है। यार्ड कर्मचारियों की तरफ से बताया गया कि उक्त बमों को नीलामी में खरीदा गया है। इस संबंध में उन्होंने कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए हैं। बमों के खोखे की जांच ओएफके के विशेषज्ञों की टीम कर रही है।
शवों के टुकड़ों का कराया जाएगा डीएनए
आईजी कुशवाहा ने बताया कि विस्फोट के कारण मलबे में मानव शरीर के टुकड़े मिले हैं। मानव शरीर के टुकड़ों को डीएनए जांच के लिए भेजा जाएगा। जिससे यह स्पष्ट हो सके कि घटना में मृतकों की संख्या कितनी है। प्रारंभिक जांच में दो व्यक्तियों की मौत होना पाया गया है। उन्होंने बताया कि विस्फोट की जांच एनएसजी की टीम कर रही है। एनएसजी टीम के विशेषज्ञों ने जबलपुर पहुंचकर शुक्रवार को घटनास्थल का निरीक्षण किया। एनएसजी की इस बात की जांच करेगी कि किस विस्फोटक के कारण इतना शक्तिशाली धमाका हुआ।
यार्ड सील, किसी को जाने की अनुमति नहीं
पुलिस ने घटना के बाद यार्ड को सील कर दिया था। यार्ड के अंदर किसी को जाने की अनुमति नहीं है। सिर्फ घटना की जांच कर रहे संबंधित अधिकारी ही अंदर जा सकते हैं। यार्ड में कार्यरत एक कर्मचारी का सुराग नहीं मिला है। उसका परिवार यार्ड के बाहर बैठा हुआ है।