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Jabalpur: पहले के हटे नहीं, फिर बनने लगे सड़कों पर धार्मिक स्थल,  हाईकोर्ट ने कहा- पेश करो सूची

Thu, 07 Jul 2022 09:13 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर

सार

याचिकाकर्ता की तरफ से बताया गया कि आदेश का पालन करते हुए शहर की सड़कों से अवैध धार्मिक स्थल नहीं हटाए गए। प्रशासनिक उदासीनता के कारण सार्वजनिक स्थलों व सड़कों पर धार्मिक स्थलों का निर्माण फिर शुरू हो गया है। 
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MP High Court - फोटो : Social Media
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विस्तार
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शासकीय भूमि व सार्वजनिक स्थलों में बने अवैध धार्मिक स्थलों को हटाने के संबंध में दायर अवमानना याचिका व स्वतः संज्ञान ली गई याचिका पर हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रवि विजय मलिमथ व जस्टिस विशाल मिश्रा की युगलपीठ ने सुनवाई की। 
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युगलपीठ को सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की तरफ से बताया गया कि आदेश का पालन करते हुए शहर की सड़कों से अवैध धार्मिक स्थल नहीं हटाए गए। प्रशासनिक उदासीनता के कारण सार्वजनिक स्थलों व सड़कों पर धार्मिक स्थलों का निर्माण फिर शुरू हो गया है। युगलपीठ ने सख्त नाराजगी व्यक्त करते हुए याचिकाकर्ता से शेष धार्मिक स्थलों की सूची पेश करने का निर्देश दिया है। युगलपीठ ने मामले की अगली सुनवाई 15 जुलाई को निर्धारित की है।

उल्लेखनीय है कि सतना बिल्डिंग निवासी सतीश वर्मा की तरफ से साल 2014 में उक्त अवमानना दायर की गई थी। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर हाईकोर्ट ने भी साल 2018 में स्वतः संज्ञान लेते हुए मामले की सुनवाई जनहित याचिका के रूप में करने के निर्देश दिए थे। दोनों मामलों की गुरुवार को हुई संयुक्त सुनवाई के दौरान युगलपीठ को बताया गया कि सार्वजनिक स्थलों व सड़क किनारे बने अवैध धार्मिक स्थलों को हटाने के आदेश का पूर्णतः पालन नहीं किया गया है। 
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मूल आदेश में अवैध करार दिए गए धर्म स्थलों को अभी तक नहीं हटाया है और नए का निर्माण होने लगा है। जिससे रोड चौड़ी, नाली निर्माण या फुटपाथ बनाने में विलंब हो रहा है। कैंटोनमेंट और रेलवे और आर्मी एरिया के भी अवैध धार्मिक स्थल कलेक्टर जबलपुर की उदासीनता के कारण नही हटाए जा सके हैं। मशीन वाले बाबा की मजार, हनुमान मंदिर दमोहनाका सहित बहुत से धार्मिक स्थलों पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। जिसके गंभीरता से लेते हुए युगलपीठ ने उक्त आदेश जारी किए। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने अपना पक्ष स्वयं रखा। 
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