जबलपुर में धान घोटाला मामले में ईओडब्ल्यू ने जांच के बाद राइस मिल के मालिक दंपत्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। ईओडब्ल्यू जबलपुर के डीएसपी एमएस धामी से प्राप्त जानकारी के अनुसार, डिंडौरी में रमेश राजपात तथा उनकी पत्नी रिचा राजपाल के नाम से नर्मदा राइस मिल थी। दंपत्ति ने कस्टम मिलिंग के लिए मप्र स्टेट सिविल कार्पोरेशन से 300 लॉट धान का अनुबंध किया था। राइस मिल संचालक ने 240 लॉट धान की सप्लाई कर दी थी। शेष 60 लॉट धान सप्लाई के लिए रह गया था।
ईओडब्ल्यू को शिकायत मिली थी कि राइस मिल संचालक द्वारा कार्पोरेशन की धान को ओपन मार्केट में बेंच दिया गया है। ईओडब्ल्यू की टीम ने कार्पोरेशन के अधिकारियों के साथ बुधवार को माल के भौतिक सत्यापन के लिए राइस मिल के गोदाम पहुंची थी। भौतिक जांच में सिर्फ नौ लॉट धान तथा 15 लॉट का चावल पाया गया।
राईस मिल संचालक के पास 35 लॉट धान कम पाया गया, जिसका मूल्य तीन करोड़ तीन लाख रुपये से अधिक है। ईओडब्ल्यू ने आरोपी दंपत्ति के खिलाफ धारा-420 तथा 409 के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है। गुरुवार को जिला प्रशासन तथा पुलिस अधिकारियों की उपस्थिति में राइस मिल तथा गोदाम को सील कर दिया गया है।