जबलपुर शहर के मुख्य व व्यस्त बाजार में बेतरतीब यातायात व्यवस्था को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई थी। याचिका की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रवि विजय कुमार मलिमथ तथा जस्टिस विशाल मिश्रा की युगलपीठ ने सांसद व विधायक सहित नगर निगम को अनावेदक बनाने के निर्देश दिए हैं। याचिका पर अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद निर्धारित की गई है।
बता दें स्वर्ण कारोबारी राजेश कुमार भूरा की तरफ से याचिका दायर की गई है। इसमें कहा गया था कि जबलपुर शहर में मालवीय चौक से कोतवाली तक पुराना बाजार है। पुराने बाजार में सराफा, कपड़े, बर्तन, किराना सहित अन्य व्यापार अलग-अलग क्षेत्र में किए जाते हैं। पुलिस व प्रशासन द्वारा दुकानों के सामने खड़े वाहनों तथा दुकान संचालकों के खिलाफ चालानी कार्रवाई की जाती है।
सराफा व्यापारी एसोसिएशन सहित अन्य कारोबारी एसोसिएशन ने बाजार में लोगों के चलने के लिए फुटपाथ, वाहनों के लिए पार्किंग सहित अन्य यातायात व्यवस्थाओं के संबंध में जिला व पुलिस प्रशासन को अभ्यावेदन दिया था। यातायात व्यवस्था के नाम पर सड़कों को वन-वे किया गया है। इसके कारण दो पहिया वाहन सवार को बाजार आने में परेशानी होती है। याचिका की सुनवाई के दौरान युगलपीठ ने पाया कि याचिका में एमपी, एमएलए सहित नगर निगम को अनावेदक नहीं बनाया गया है। युगलपीठ ने उन्हें अनावेदक बनाने के निर्देश जारी किए हैं।