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Jabalpur: अस्पताल अग्निकांड मामले में हाईकोर्ट के निर्देश- दोषियों पर कार्रवाई करें, अनियमितताएं खत्म करो

Fri, 09 Sep 2022 08:05 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर

सार

जबलपुर के न्यू लाइफ अस्पताल अग्निकांड में पेश रिपोर्ट पर हाईकोर्ट ने नए निर्देश जारी किए हैं। कोर्ट ने रिपोर्ट के अनुसार दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा अनियमितताओं खत्म करने के निर्देश दिए हैं। 
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जबलपुर में चंडाल भाटा क्षेत्र में न्यू लाइफ मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल में आग लगने से आठ लोगों की मौत हुई थी। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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जबलपुर के न्यू लाइफ अस्पताल अग्निकांड में हुई आठ व्यक्तियों की मौत के संबंध में प्रदेश सरकार द्वारा गठित जांच कमेटी तथा पुलिस जांच की सील कवर रिपोर्ट हाईकोर्ट में पेश कर दी थी। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रवि विजय कुमार मलिमथ तथा जस्टिस विशाल मिश्रा की युगलपीठ ने शुक्रवार को सुनवाई करते हुए रिपोर्ट के अनुसार दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा अनियमितताओं खत्म करने के निर्देश दिए हैं। युगलपीठ ने इसके लिए सरकार को चार सप्ताह का समय दिया है।
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बता दें कि लॉ स्टूडेंट एसोसिएशन के प्रेसीडेंट विशाल बघेल की तरफ से दायर याचिका में कहा गया था कि जबलपुर में नियम विरुद्ध तरीके से प्राइवेट अस्पताल को संचालन की अनुमति प्रदान की गई है। कोरोना काल में गत तीन साल में 65 निजी अस्पलातों को संचालन की अनुमति दी गई है। जिन अस्पतालों को अनुमति दी गई है, उनमें नेशनल बिल्डिंग कोड, फायर सिक्योरिटी के नियमों का पालन नहीं किया गया है। जमीन के उपयोग का उद्देश्य दूसरा होने के बावजूद भी अस्पताल संचालन की अनुमति दी गई है। बिल्डिंग का कार्य पूर्ण होने का प्रमाण-पत्र नहीं होने के बावजूद भी अस्पताल संचालन की अनुमति प्रदान की गई है। 

याचिका में कहा गया था कि भौतिक सत्यापन किए बिना अस्पताल संचालन की अनुमति प्रदान की गई है। अस्पतालों के मेडिकल व पैरामेडिकल सहित अन्य स्टाफ की जांच तक नहीं की गई है। पूर्व में हुई सुनवाई के दौरान न्यू लाइफ मल्टी स्पेशलिस्ट हॉस्पिटल के मामले में सरकार की तरफ से रिपोर्ट पेश की गई थी। रिपोर्ट में कहा गया था कि अस्पताल संचालन के लायसेंस के लिए निरीक्षण करने वाली तीन सदस्यीय डॉक्टरों की कमेटी के सदस्यों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है। याचिकाकर्ता की तरफ से आपत्ति व्यक्त करते हुए बताया गया था कि उक्त अस्पताल का निरीक्षण डॉ. एलएन पटेल, डॉ. निषेध पटेल तथा डॉ. कमलेश वर्मा द्वारा किया गया था। उनकी निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर अस्पताल संचालन का लायसेंस जारी किया गया था। शहर के सभी निजी अस्पतालों की जांच के लिए 41 सदस्यीय डॉक्टरों की टीम इन तीनों डॉक्टर को शामिल किया गया है, जिन्हें निलंबित किए जाने का उल्लेख रिपोर्ट में किया गया है। युगलपीठ ने निलंबन आदेश पेश करने के निर्देश जारी किए थे।
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सरकार ने शपथ पत्र पेश करते हुए बताया था कि चिकित्सक एलएन पटेल , निषेध चौधरी को निलंबित कर दिया गया है। नर्सिंग होम शाखा की जम्मेदारी संभाल रहे डॉ. कमलेश वर्मा को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। हाईकोर्ट ने कार्रवाई पर नाराजगी व्यक्त करते हुए पूरे घटनाक्रम की सिलेवार जांच करते हुए रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए थे। हाईकोर्ट के आदेश का परिपालन करते हुए पिछली सुनवाई के दौरान घटना की जांच के लिए राज्य सरकार द्वारा संभागायुक्त जबलपुर के नेतृत्व में गठित चार सदस्यीय कमेटी की जांच रिपोर्ट सील बंद लिफाफे में पेश की गई थी। इसके अलावा पुलिस ने अपनी जांच रिपोर्ट भी सील बंद लिफाफे में पेश की।

रिपोर्ट का अवलोकन करने के बाद युगलपीठ ने उक्त आदेश जारी किए। याचिकाकर्ता ने रिपोर्ट की प्रति प्रदान करने का आग्रह किया। इसके अलावा निलंबन के खिलाफ डॉ. एलएन पटेल तथा डॉ. निषेध चौधरी ने याचिका दायर की थी। युगलपीठ ने याचिकाकर्ता के आग्रह को अस्वीकार करते हुए दो डॉक्टरों की याचिकाओं पर फिलहाल सुनवाई से इनकार कर दिया। याचिका पर अगली सुनवाई 11 अक्टूबर को निर्धारित की गई है। याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता आलोक वागरेचा ने पैरवी की।
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