शिकायत व सोशल मीडिया में अतिरिक्त जिला सत्र न्यायाधीश के खिलाफ अभद्र भाषा का उपयोग करने वाले को हाईकोर्ट ने अपराधिक अवमानना का दोषी ठहराते हुए सजा व जुर्माने से दंडित किया है। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रवि विजय कुमार मलिमथ तथा जस्टिस विशाल मिश्रा की युगलपीठ ने पाया कि शिकायत व सोशल मीडिया में शत्रुतापूर्ण तरीके से अपशब्दों का उपयोग किया है, वह न्यायालय की अवमानना है। युगलपीठ ने आरोपी को दस दिन के कारावास तथा दो हजार रुपये के अर्थदंड की सजा दी है।
बता दें कि बरेली में पदस्थ अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने दायर अपील की सुनवाई करते हुए भक्तों से मिली राशि को ट्रस्ट के खाते में जमा करवाने के निर्देश दिए थे। जिसके बाद कृष्णा कुमार रघुवंशी ने एडीजे को शिकायत करते पत्र भेजा था। पत्र में अभद्र शब्दों का उपयोग करते हुए एडीजे पर गंभीर आरोप लगाए थे। इसके अलावा सोशल मीडिया में भी अभद्र शब्दों का प्रयोग किया था। हाईकोर्ट ने संज्ञान में लेते हुए युवक के खिलाफ अपराधिक अवमानना की कार्यवाही प्रारंभ की थी। युगलपीठ ने सुनवाई के दौरान पाया कि आरोपी का आचरण अपराधिक अवमानना के दायरे में आता है। युगलपीठ ने आरोपी को अपराधिक अवमानना को दोषी ठहराते हुए उक्त सजा से दंडित किया।