फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jabalpur: पूर्व बिशप पीसी सिंह की बोर्ड ऑफ एजुकेशन संस्था फर्जी, नागपुर बिशप ने EOW के सामने किया खुलासा

Thu, 17 Nov 2022 11:08 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर

सार

बोर्ड ऑफ एजुकेशन चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया जबलपुर डियोसिस की स्थापना बिना अधिकारिक अनुमति के की गई थी। संस्था का रजिस्ट्रेशन करवाने के बाद पीसी सिंह ने सभी मिशनरी स्कूलों की जमीन पर कब्जा कर लिया था।
विज्ञापन
EOW
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पूर्व बिशप पीसी सिंह का एक और बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। बोर्ड ऑफ एजुकेशन चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया जबलपुर डियोसिस की स्थापना बिना अधिकारिक अनुमति के की गई थी। संस्था का रजिस्ट्रेशन करवाने के बाद पीसी सिंह ने सभी मिशनरी स्कूलों की जमीन पर कब्जा कर लिया था। इस बात का खुलासा नागपुर डियोसिस के बिशप भीम राव डुमारे ने पूछताछ के दौरान ईओडब्ल्यू के सामने किया है।
विज्ञापन


ईओडब्ल्यू के डीएसपी तथा प्रकरण के विवेचना अधिकारी स्वर्णजीत धामी ने बताया कि गुरुवार को नागपुर डियोसिस के बिशप भीम राव डुमरे से पूछताछ की गई। उन्होंने बताया कि जबलपुर डियोसिस के चौथे बिशप पीसी सिंह ने फर्जी तरीके से बोर्ड ऑफ एजुकेशन चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया जबलपुर डियोसिस की स्थापना की है। साल 2004 के पहले यह शैक्षणिक संस्थान नागपुर डियोसिस के अंतर्गत आते थे। पूर्व बिशप पीसी सिंह ने अधिकारिक अनुमति लिए बिना फर्जी तरीके से संस्था का रजिस्ट्रेशन करवाया है।

इस संबंध में पीसी सिंह से नागपुर डियोसिस ने पत्राचार किया था, परंतु उन्होंने कोई जवाब नहीं देते हुए शैक्षणिक संस्थाओं पर कब्जा कर लिया। पूर्व बिशप पीसी सिंह को शैक्षणिक संस्था के संचालन, उनकी जमीन को किराए देने या बेचने सहित अन्य चार पॉवर ऑफ अटॉर्नी दिए जाने के सवाल पर उन्होंने बताया कि यह जबरदस्ती ली गई है। पीसी सिंह ने उन्हें दिल्ली बुलाकर गुंडे के जोर पर पॉवर ऑफ अटॉर्नी ली थी।
विज्ञापन


 
विज्ञापन

पूर्व बिशप पीसी के फर्जीवाड़े की परतें खुलती जा रही हैं। - फोटो : सोशल मीडिया
बोर्ड ऑफ एजुकेशन चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया जबलपुर डियोसिस के अंतर्गत डेढ़ दर्जन से अधिक स्कूल हैं। इन स्कूलों की जमीन का बाजार मूल्य एक हजार करोड़ रुपये से अधिक है। जिन पर पूर्व बिशप पीसी सिंह अवैधानिक तौर पर कब्जा किए हुए था। गौरतलब है कि ईओडब्ल्यू की टीम ने 8 सितंबर को बिशप पीसी सिंह के नेपियर टाउन स्थित कार्यालय तथा घर में  दबिश दी थी। इस दौरान 80 लाख का सोना, 1 करोड़ 65 लाख रुपये नगद, 48 बैंक खाते, 18352 यूएस डॉलर, 118 पाउंड, 9 लग्जरी गाड़ियां, 17 संपत्तियों के दस्तावेज मिले थे। दबिश के दौरान पीसी सिंह देश के बाहर था। ईओडब्ल्यू ने उसे नागपुर एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया था। पीसी सिंह के परिवार के सदस्यों के नाम पर बैंक में साढे़ 6 करोड़ रुपये जमा थे। इसके अलावा उन्होंने मिशन कम्पाउण्ड स्थित बेशकीमती जमीन खुद के नाम आधे दामों में खरीदी थी। बिशप रहते हुए उन्होंने जमीन बेची और क्रेता के तौर पर स्वयं खरीद ली। उनके खिलाफ देशभर के अलग-अलग राज्यों में 60 मामले दर्ज हैं।

ईओडब्ल्यू पूर्व बिशप पी सी सिंह, उसके बेटे पीयूष तथा पत्नी नोरा सिंह सहित सुरेश जैकब को प्रकरण में आरोपी बना चुकी है। पीसी सिंह का खास सुरेश जैकब पूरे फर्जीवाड़े में उसके साथ था। पीयूष को बिना निर्धारित योग्यता काईस्ट चर्च स्कूल का प्राचार्य बना दिया गया था। इसके अलावा उसके स्कूल की राशि का दुरुपयोग किया था। पति नोरा सिंह पर आरोप है कि मिशनरी द्वारा संचालित आठ शैक्षणिक संस्थानों की मैनेजर रहने के दौरान उन्होंने लगभग 72 लाख रुपये अनैतिक तरीके से अलग-अलग खातों में ट्रांसफर किए थे। उनकी बेटी भी ईओडब्ल्यू के रडार में है, जिसके हैदराबाद से एमबीबीएस कोर्स करने में पांच करोड़ रुपये की राशि व्यय की थी।
 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें