मध्यप्रदेश पुलिस की आर्थिक अपराधा शाखा ने मंडला के सेवानिवृत्त जनपद पंचायत सीईओ नागेंद्र यादव के ठिकानों पर छापा मारकर लाखों की अनुपातहीन संपत्ति का पता लगाया है। यादव के जबलपुर, मंडला और भोपाल स्थित परिसरों पर एक साथ कार्रवाई की गई। जबलपुर, मंडला व भोपाल में यादव के चार मकान मिले हैं।
ईओडब्ल्यू सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक नागेंद्र यादव की भर्ती आदिवासी विभाग में छोटे से पद से हुई थी वह अपनी जुगाड़ से मंडला जनपद पंचायत के सीईओ का प्रभार संभाल रहे थे। अब वे रिटायर हो चुके हैं। पिछले 10 सालों में आरोपी ने अकूत संपत्ति बनाई है। उनकी संपत्ति का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पूरी नौकरी में 11 लाख रुपये पाने वाले नागेंद्र यादव के पास प्रारंभिक आकलन में 97 लाख रुपये की संपत्ति मिली है।
खुद के चार मकान फिर भी किराए पर रहता था
ईओडब्ल्यू सूत्रों के अनुसार आय से ज्यादा की संपत्ति के मामले में घिरे आरोपी नागेंद्र यादव का मंडला में दो, जबलपुर में एक और भोपाल में एक मकान मिला। आरोपी ने जबलपुर के तिलहरी स्थित थीम पार्क में बड़ा सा मकान बना रखा है। उसने इस मकान को 40 हजार रुपये में किराए पर दे रखा है। वह खुद 10 हजार रुपये किराए वाले मकान में रह रहा है। जबलपुर स्थित आरोपी के घर में सर्चिंग चल रही है। इसके बाद उसे लेकर एक टीम मंडला पहुंचेगी। वहां एक टीम पहले से जांच कर रही है।