दसवीं कक्षा के आधा दर्जन विद्यार्थियों देर से पहुंचने के कारण परीक्षा देने के वंचित हो गए। परीक्षा नियमों के सामने विद्यार्थियों की मिन्नतें भी काम नहीं आईं। इसके विरोध में विद्यार्थियों व एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने स्कूल के सामने प्रदर्शन किया।
रांझी स्थित खालसा स्कूल को दसवीं कक्षा का परीक्षा केंद्र बनाया गया था। शुक्रवार को कक्षा दसवीं के संस्कृत विषय की परीक्षा थी। प्रबंधन द्वारा स्कूल का मेन गेट बंद करवा दिया गया था। इसके कारण लेट आने वाले आधा दर्जन विद्यार्थियों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं मिल पाया। विद्यार्थियों के स्कूल प्रबंधन से परीक्षा में शामिल करने की मिन्नतें करते हुए बताया कि दूर से आने के कारण वे लेट हुए हैं। विद्यार्थियों की तमाम मिन्नतों के बाद भी स्कूल प्रबंधन ने उन्हें परीक्षा में शामिल होने की अनुमति प्रदान नहीं की।
विद्यार्थियों को परीक्षा से वंचित करने की जानकारी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं को मिली तो वे भी परीक्षा केन्द्र पर पहुंच गए। एबीवीपी कार्यकर्ताओं तथा विद्यार्थियों ने स्कूल के मुख्य गेट के सामने विरोध प्रदर्शन प्रारंभ कर दिया। विरोध प्रदर्शन के बावजूद भी विद्यार्थियों को परीक्षा में शामिल नहीं किया गया।
जिला शिक्षा अधिकारी घनश्याम सोनी ने बताया कि परीक्षा का समय सुबह साढ़े आठ बजे से था। माध्यमिक शिक्षा मंडल के स्पष्ट आदेश की 8.40 बजे के बाद अभ्यर्थी आता है तो उसे परीक्षा देने से वंचित कर दिया जाए। घटना के संबंध में उन्होंने जानकारी प्राप्त की थी। प्राप्त जानकारी के अनुसार विद्यार्थी 9 बजे के बाद केंद्र में पहुंचे थे। इसलिए उन्हें परीक्षा में बैठने की अनुमति प्रदान नहीं की गई है।