समर्थन मूल्य में गेहूं उपार्जन में हेराफेरी तथा बोरियों में कम मात्रा भरने पर हल एग्री प्रो. कंपनी संचालक तथा मयंक वेयर हाउस के संचालक और कम्प्यूटर ऑपरेटर के खिलाफ पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर लिया है। गेहूं उपार्जन में हेराफेरी तथा बोरियों में कम मात्रा भरकर 1850 क्विंटल गेहूं का घोटाला किया गया है, जिसका मूल्य लगभग 40 लाख रुपये है।
कलेक्टर सौरभ सुमन ने इस खरीदी केंद्र में अनियमितता मिलने की शिकायत पर जांच टीम गठित की थी। जांच में पाया गया कि केंद्र को 70 हजार बारदान खरीदी में लिए दिया गया था। प्रत्येक बारदाने में 50 किलो के हिसाब से कुल 35 हजार किलो की गेहूं खरीदी की जानी थी। रिकॉर्ड में 36 हजार 200 क्विंटल खरीदना दिखाया गया। इस प्रकार एक हजार 200 क्विंटल की फर्जी खरीदी दर्शाई गई।
बोरियों का रैंडम के आधार पर वजन किया गया तो 580 ग्राम गेहूं कम पाया गया। बोरियों में कोड व किसान के नाम के टैग नहीं मिले। बोरियों में निर्धारित से 847.9 क्विंटल गेहूं कम पाया गया। पुलिस ने हल एग्री प्रो कंपनी तथा मयंक वेयर हाउस के संचालक नरेन्द्र तोमर तथा कम्प्यूटर ऑपरेटर विवेक राजपूत के खिलाफ धारा 420 के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है।