जबलपुर की पॉक्सो की विशेष अदालत ने एक नाबालिग को बहला फुसलाकर उसका अपहरण कर दुष्कर्म करने के आरोपी अभिलाष चौधरी को दोषी करार देते हुए 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी पर चार हजार रुपये का अर्थदंड लगाते हुए दो लाख रुपये की प्रतिकर राशि पीड़िता को प्रदान करने के आदेश दिए हैं।
अदालत को अभियोजन पक्ष की ओर से बताया गया कि 1 नवंबर 2021 को पीड़िता की मां ने लार्डगंज थाने में बेटी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया गया था कि उसकी बेटी घर से स्कूल ड्रेस पहनकर व स्कूल बैग लेकर स्कूल जाने का कहकर घर से गई थी, परंतु करीब 4:30 बजे तक घर वापस नहीं आई। तलाश करने पर पता चला कि बेटी स्कूल नहीं गई थी। कोई अज्ञात व्यक्ति उसे बहला-फुसलाकर अपहरण कर ले गया है। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर रात्रि करीब ढाई बजे पीड़िता को दस्तयाब किया था। जिसने अपने बयानों में पुलिस को बताया था कि अभियुक्त अभिलाश चौधरी को जानती है, अभियुक्त से उसकी फेसबुक के माध्यम से दोस्ती हुई थी।
घटना दिनांक को अभियुक्त ने आरोपी को उसकी चाची के घर चंडाल भाटा ले गया था, परंतु उसकी चाची के घर पर कोई नहीं था, चाची काम करने गई थी, जहां पर आरोपी ने उसका रेप किया। उसने विरोध किया तो आरोपी ने उसके माता-पिता को जान से मारने की धमकी दी थी, इसलिए वह चुप हो गई थी। विवेचना उपरांत पुलिस ने अपहरण, दुराचार व पॉक्सो एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर अदालत के समक्ष चालान पेश किया। सुनवाई दौरान पेश किए गए गवाह व साक्ष्यों को मद्देनजर रखते हुए अदालत ने आरोपी को उक्त सजा से दंडित किया। मामले में शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक मनीषा दुबे ने पैरवी की।