MP: हाईकोर्ट के आदेश का पालन नहीं किये जाने के हाईकोर्ट जस्टिस डीडी बसंल की एकलपीठ ने गंभीरता से लिया है। उक्त मामले की सुनवाई भोपाल में पदस्थ पुलिस अधिकारी विजय पुंज की तरफ से दायर की गयी याचिका को लेकर की गई है।
हाई कोर्ट के आदेश का पालन नहीं करने को हाईकोर्ट के जस्टिस डीडी बंसल की एकलपीठ ने गंभीरता से लिया है। एकलपीठ ने अपने आदेश में कहा है कि अगली सुनवाई तक आदेश का अक्षरशः पालन नहीं होने पर अतिरिक्त मुख्य सचिव संजय दुबे तथा प्रदेश के पुलिस महानिदेशक सुधीर सक्सेना वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहें।
विज्ञापन
भोपाल में पदस्थ पुलिस अधिकारी विजय पुंज की तरफ से दायर की गई याचिका में कहा गया था कि साल 2006 में टीआई पद पर उसे आउट ऑफ टर्न प्रमोशन मिला था। साल 2018 में विभागीय पदोन्नति समिति का गठन किया गया। उत्तर प्रदेश में आपराधिक लंबित होने के कारण समिति ने उसके नाम की सिफारिश को बंद लिफाफे में रख लिया था। उससे कनिष्ठ कर्मचारियों को पदोन्नति प्रदान की गई थी। इसके खिलाफ उससे हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।
हाईकोर्ट ने मार्च 2024 में आदेश पारित किया था कि आपराधिक प्रकरण 28 साल से लंबित है। इस दौरान याचिकाकर्ता को पदोन्नति का लाभ प्रदान किया गया है। हाईकोर्ट ने लिफाफे में बंद पदोन्नति समिति के सिफारिश पर 60 दिन में कार्यवाही के निर्देश दिए थे। आदेश का पालन नहीं होने के कारण उक्त अवमानना याचिका दायर की गई थी। अवमानना याचिका की सुनवाई के दौरान सरकार की तरफ से कहा गया कि कैबिनेट से मंजूरी प्राप्त करना आवश्यक है, इसलिए देर हो रही है। याचिकाकर्ता की तरफ से तर्क दिया गया कि 6 माह से अधिक समय गुजर जाने के बावजूद भी निर्देश का पालन नहीं किया गया है। याचिकाकर्ता 31 अक्टूबर को सेवानिवृत्त होने वाले है। एकलपीठ ने सुनवाई के बाद उक्त आदेश जारी किए। याचिका पर अगली सुनवाई 16 अक्तूबर को निर्धारित की गई है।