कथित बहुजन समाज पार्टी के नेता ने प्लॉट का एग्रीमेंट कर लोगों को लाखों का चूना लगाने के मामले को हाईकोर्ट ने गंभीरता से लिया है। हाईकोर्ट जस्टिस प्रमोद कुमार अग्रवाल ने कथित नेता की जमानत आवेदन को निरस्त कर दिया।
जेल में निरूध्द ओमप्रकाश आनंद की तरफ से दायर की गई आवेदन में कहा गया था कि वह विगत पांच अगस्त से न्यायिक अभिरक्षा में है। आवेदन के साथ बीमारी संबंधित दस्तावेज पेश कर आरोपी ने जमानत के लिए राहत चाही थी। अभियोजन की तरफ से जमानत का विरोध करते हुए कहा गया कि आरोपी को गिरफ्तार करने में पुलिस को बड़ी मशक्कत करनी पड़ी थी। इसके अलावा जमानत का लाभ मिलने पर साक्ष्यों को प्रभावित कर सकता है।
आरोपी ने सूखा में किसी और की जमीन को अपना बताकर लोगों से प्लॉट का एग्रीमेंट किया। लोगों से करोड़ों का चूना लगाकर आरोपी फरार हो गया था। माढ़ोताल पुलिस ने एक व्यक्ति की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की थी। इसके बाद 30 अन्य व्यक्तियों के द्वारा थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायतकर्ताओं की संख्या में बढ़ोतरी हो सकती है। एकलपीठ ने अपराध को गंभीर प्रवृत्ति का मानते हुए जमानत आवेदन को निरस्त कर दिया।