हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैत व जस्टिस विवेक जैन की युगलपीठ ने अपने अंतरिम आदेश में कहा है कि राज्य व जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष व सदस्य फिलहाल अपने पदों पर बने रहेंगे। युगलपीठ ने उपभोक्ता आयोग का कोरम पूरा नहीं होने के कारण सुनवाई प्रभावित के कारण आवेदकों को परेशानी होने के संबंध में दायर जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए उक्त आदेश जारी किये।
याचिकाकर्ता राहुल दुबे की तरफ से दायर की गयी याचिका में कहा गया था कि आयोग के अध्यक्ष व सदस्यों की नियुक्ति के संबंध में दायर याचिका सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है। प्रदेश और जिलों में गठित आयोग के अध्यक्ष व सदस्यों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है या फिर होने वाला है। आयोग का कोरम पूरा नहीं होने के कारण सुनवाई प्रभावित होती है। जिससे आवेदकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
याचिकाकर्ता की तरफ से पैरवी करते हुए अधिवक्ता सिद्धार्थ शर्मा ने युगलपीठ को बताया कि सर्वोच्च न्यायालय में याचिका के लंबित होने के कारण बिहार, केरल, उत्तर प्रदेश में राज्य व जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष, सदस्यों का कार्यकाल अंतरिम रूप से बढ़ा दिया गया है।
जिला आयोग में हजारों की संख्या में मामले लंबित हैं। आयोग के अध्यक्ष व सदस्यों का कार्यकाल समाप्त होने के बावजूद भी सरकार चाहकर भी नई नियुक्ति नहीं कर पाएगी। ऐसी स्थिति में नए प्रकरण दायर होंगे और कोरम पूरा नहीं होने के कारण पुराने प्रकरणों की सुनवाई नहीं होगी। प्रदेश में भी अध्यक्ष व सदस्यों का कार्यकाल अंतरिम रूप से बढ़ाया जाना चाहिए, जिससे आयोग में सुनवाई चलती रहे। याचिका की सुनवाई में बाद युगलपीठ ने उक्त अंतरिम आदेश जारी किये।