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जबलपुर हाईकोर्ट की सुरक्षा में चूक: भ्रूण लेकर कोर्ट रूम पहुंचा याचिकाकर्ता, चार पुलिसकर्मी किए गए निलंबित

Wed, 11 Mar 2026 08:05 AM IST
जबलपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर

सार

जबलपुर हाईकोर्ट में एक याचिकाकर्ता के बैग में भ्रूण लेकर कोर्ट रूम तक पहुंचने की घटना को गंभीर सुरक्षा चूक मानते हुए एसपी ने कार्रवाई की। गेट नंबर-6 पर तैनात एएसआई समेत चार पुलिसकर्मियों को लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया गया।

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जबलपुर हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की मुख्यपीठ जबलपुर में एक याचिकाकर्ता के भ्रूण लेकर कोर्ट रूम तक पहुंचने के मामले को गंभीर सुरक्षा चूक मानते हुए पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय ने सख्त कार्रवाई की है। सुरक्षा ड्यूटी में तैनात चार पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। प्रारंभिक जांच में उनकी लापरवाही सामने आई है। निलंबित किए गए कर्मियों में एक एएसआई भी शामिल है।

जानकारी के अनुसार, रीवा जिले के बैकुंठपुर निवासी दयाशंकर पांडे बीते दिन हाईकोर्ट के गेट नंबर-6 से न्यायालय परिसर में प्रवेश किया। उसके बैग में दस्तावेजों के साथ एक भ्रूण भी रखा हुआ था। दयाशंकर पांडे ने पुलिस कार्रवाई को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी और उसी मामले की सुनवाई के लिए वह स्वयं ही अपनी पैरवी करने कोर्ट पहुंचा था।

बताया गया है कि न्यायालय परिसर में प्रवेश के दौरान सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों ने उसकी ठीक से जांच नहीं की और उसकी गतिविधियों को नजरअंदाज कर दिया। इसी का फायदा उठाकर वह भ्रूण लेकर सीधे कोर्ट रूम तक पहुंच गया। वहां पहुंचकर वह जोर-जोर से चिल्लाने लगा और आरोप लगाया कि उस पर और उसके परिवार पर कई बार हमले हुए हैं। उसने इन घटनाओं की शिकायत रीवा पुलिस से की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिसके बाद उसने हाईकोर्ट में याचिका दायर की।

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दयाशंकर पांडे का कहना है कि उसने वर्ष 2024 में विधानसभा और लोकसभा चुनाव निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में लड़ा था। चुनाव हारने के बाद से उस पर लगातार हमले होने का आरोप वह लगा रहा है। उसके अनुसार, 1 मार्च को वह अपनी पत्नी और चार वर्षीय बेटी के साथ बाइक से जा रहा था, तभी बिना नंबर की एक कार ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी, जिसमें उसकी पत्नी घायल हो गई। बाद में 8 मार्च को उसकी पत्नी के गर्भ में पल रहे बच्चे का गर्भपात हो गया।

इस पूरे घटनाक्रम में न्यायालय की सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर चूक सामने आने पर एसपी सम्पत उपाध्याय ने न्यायालयीन सुरक्षा में तैनात एएसआई मुन्ना अहिरवार, हेड कांस्टेबल ब्रह्मदत्त खत्री, हेड कांस्टेबल अरुण उपाध्याय और कांस्टेबल प्रतीक सोनकर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

इनका कहना है
हाईकोर्ट के गेट नंबर-6 पर तैनात सुरक्षा कर्मियों द्वारा प्रथम दृष्टया लापरवाही बरतने का मामला सामने आया है। एसपी के आदेश पर चारों सुरक्षा कर्मियों को सस्पेंड किया गया है।

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पीएल परतेती, सुरक्षा प्रभारी, मप्र हाईकोर्ट

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