जबलपुर डायोसिस के पूर्व बिशप पी.सी. सिंह को आर्थिक अपराध ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) ने ढाई करोड़ रुपये के गबन मामले में कर्नाटक के मंगलुरु से गिरफ्तार किया है। उनके खिलाफ दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, झारखंड, पंजाब, हरियाणा और प्रवर्तन निदेशालय में कुल 64 मामले दर्ज हैं। कटनी स्थित जमीन के मुआवजे की राशि को धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर हड़पने के मामले में यह कार्रवाई ईओडब्ल्यू द्वारा की गई है।
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ओडब्ल्यू से प्राप्त जानकारी के अनुसार, कटनी के बास्लेय स्कूल की 0.22 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण रेलवे विभाग द्वारा किया गया था। रेलवे विभाग ने जमीन अधिग्रहण के बदले 2,45,30,830 रुपये मुआवजे के रूप में प्रदान किए थे। पूर्व बिशप पी.सी. सिंह और एनडीटीए चेयरमैन पाल दुपारे ने उक्त रकम फर्जी दस्तावेजों के आधार पर हड़प ली थी।
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ईओडब्ल्यू की जांच में पाया गया कि दोनों ने स्कूल प्राचार्य के नाम से कूटरचित दस्तावेज पेश किए थे। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर मुआवजा राशि को एनडीटीए के अधिकृत खाते के बजाय अन्य खातों में स्थानांतरित कर लिया गया था। इसके बाद उस राशि का उपयोग निजी कार्यों में किया गया। इसके लिए बिशप पी.सी. सिंह ने एनडीटीए से कोई अनुमति नहीं ली थी। जांच के बाद ईओडब्ल्यू ने दोनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया था। ईओडब्ल्यू ने पूर्व बिशप पी.सी. सिंह को कर्नाटक के मंगलुरु से हिरासत में लिया। इस प्रकरण में दूसरा आरोपी पाल दुपारे अभी फरार है और उसकी तलाश जारी है।