स्थानीय निधि संपरीक्षा कार्यालय में कर्मचारियों के द्वारा सात करोड़ रुपये का घोटाला करने की एफआईआर प्रशासन द्वारा दर्ज कराई गई है। मामले में ओमती पुलिस ने संयुक्त संचालक सहित पांच कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर प्रकरण को विवेचना में लिया है। विभिन्न योजना के तहत घोटाला करते हुए उक्त राशि 35 निजी व्यक्तियों के खाते में स्थानांतरित की गई है।
जिला कलेक्टर दीपक सक्सेना ने बताया कि घोटाले का खुलासा कोषालय द्वारा आपत्ति के साथ बिल वापस किए जाने पर हुआ। ट्रेजरी को भेजे गए बिल में अंक व शब्दों में अंतर था। प्रारंभिक जांच करने पर लगभग 51 लाख का घोटाला सामने आया। इसके बाद राज्य तथा स्थानीय स्तर पर जांच करवाई गई। जांच में यह बात सामने आई थी कि लॉगिन आईडी व पासवर्ड का उपयोग करते हुए घोटाले की राशि निजी व्यक्तियों की खाते में डाली गई थी।
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घोटाला उजागर होने पर संयुक्त संचालक मनोज बरैया को भोपाल अटैच किया है। इसके अलावा एलडीसी संदीप शर्मा सहित डीडीओ प्रिया विश्नोई तथा सीमा अमित मिश्रा को निलंबित कर दिया है।
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गौरतलब है कि संदीप शर्मा विगत 28 फरवरी से लापता है और उसने विभागीय के ऑफिशियल व्हाट्सएप ग्रुप में नोट भी डाला था। इसमें पूरे घोटाले की जिम्मेदारी स्वयं ली थी। इसके अलावा आत्महत्या करने की बात कहते हुए सुसाइड नोट भी डाला था। पुलिस ने संयुक्त संचालक मनोज बरैया, संदीप शर्मा, सीमा अमित तिवारी, प्रिया विश्नोई तथा अनूप कुमार के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है। गबन की गई राशि 35 निजी व्यक्तियों के खाते में स्थानांतरित की गई है। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर प्रकरण को विवेचना में लिया है।