जबलपुर की डॉक्टर हेमलता श्रीवास्तव
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एक धार्मिक संगठन तथा बेटे की दोस्त और उसकी पत्नी के नाम लगभग 60 करोड़ की सम्पत्ति रजिस्टर्ड दान पत्र के माध्यम से देने के मामले में उपजे विवाद के कारण सुर्खियों में आई वृद्ध महिला डॉक्टर की उपचार के दौरान सोमवार को मौत हो गई। अंतिम संस्कार उसकी बहन तथा गायत्री परिवार के सदस्यों द्वारा ग्वारीघाट में किया गया। इधर, जिला प्रशासन ने विवादित संपत्ति को अपने कब्जे में ले लिया है। लीज की अवधि समाप्त होने के कारण नगर निगम की तरफ से नोटिस जारी किया गया है। वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण अधिनियम के तहत भी एसडीएम कोर्ट में प्रकरण की सुनवाई प्रारंभ की गई है।
गौरतलब है कि डॉक्टर हेमलता श्रीवास्तव (82) गत कुछ समय से अस्वस्थ चल रही थीं। उनके बेटे रचित श्रीवास्तव की मौत साल 2022 में हो गई थी। 6 दिसम्बर 2024 उनके पति का भी देहांत हो गया था। महिला के परिवार के नाम पर राइट टाउन स्थित पॉश एरिया में 25 हजार वर्ग फीट जमीन थी। इसमें से 11 हजार वर्ग फीट जमीन उन्होंने अपने मृतक बेटे के दोस्त डॉ. सुमित जैन तथा उसकी पत्नी प्राची जैन के नाम 14 जनवरी 2026 को रजिस्टर्ड दान पत्र के जरिए कर दी थी। इसके बाद 20 जनवरी को 14 हजार वर्ग फीट जमीन गायत्री परिवार के नाम रजिस्टर्ड दान-पत्र के माध्यम से की गई थी।
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15 दिनों से अस्पताल में थीं
वृद्ध महिला डॉक्टर को गत 15 दिन पूर्व उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती किया गया था। इस दौरान वृद्ध महिला के अपहरण के संबंध में शिकायत का मामला सामने आया था। इस दौरान वृद्ध महिला डॉक्टर ने अस्पताल में वीडियो बनाकर आरोप लगाए थे कि डॉ. सुमित जैन तथा उसकी पत्नी ने धोखे से जमीन अपने नाम पर करवाई है। उन्होंने कभी भी स्वैच्छा से जमीन नहीं दी है।
रजिस्टर्ड दान पत्र हो सकता है रद्द
कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह ने बताया कि वायरल वीडियो को संज्ञान में लेते हुए प्रशासन की टीम ने अस्पताल पहुंचकर वृद्ध महिला डॉक्टर के बयान दर्ज किए थे। बयान के आधार पर एसडीएम कोर्ट में वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण अधिनियम के तहत सुनवाई होगी। एसडीएम सुनवाई के बाद रजिस्टर्ड दान पत्र को रद्द कर सकता है। इसके अलावा नगर निगम द्वारा दी गई जमीन की लीज भी समाप्त हो गई है। नगर निगम की अनुमति के बिना जमीन का स्थानांतरण नहीं किया जा सकता था। प्रशासन द्वारा उक्त जमीन को अपने कब्जे में लिया गया है।
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पुलिस सुरक्षा के बीच हुआ अंतिम संस्कार
मृतक वृद्ध महिला डॉक्टर का अंतिम संस्कार ग्वारीघाट मुक्तिधाम में किया गया। इस दौरान उनकी छोटी तथा गायत्री परिवार के सदस्य उपस्थित थे। वृद्ध महिला का अंतिम संस्कार कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच किया गया।