फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jabalpur News: टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी की याचिका पर फैसला सुरक्षित, हाईकोर्ट ने सुनवाई के बाद लिया निर्णय

Wed, 12 Nov 2025 09:06 PM IST
जबलपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर

सार

ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी द्वारा हाईकोर्ट में दायर याचिका पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा है। एमपी-एमएलए कोर्ट ने अभिषेक के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था।
 
विज्ञापन
मप्र हाईकोर्ट - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मध्यप्रदेश एमपी-एमएलए कोर्ट, भोपाल द्वारा जारी गिरफ्तारी वारंट को चुनौती देने वाली याचिका पर मप्र हाईकोर्ट ने सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रख लिया है। यह याचिका पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे और तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी द्वारा दायर की गई थी। मामले की सुनवाई हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति प्रमोद कुमार अग्रवाल की एकल पीठ ने की।

विज्ञापन


गौरतलब है कि अभिषेक बनर्जी ने नवंबर 2020 में कोलकाता में आयोजित एक जनसभा में भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय के पुत्र आकाश विजयवर्गीय को “गुंडा” कहा था। इस बयान के बाद आकाश विजयवर्गीय ने उनके खिलाफ एमपी-एमएलए कोर्ट, भोपाल में मानहानि का मामला दर्ज कराया था। सुनवाई के दौरान अदालत ने अभिषेक बनर्जी के खिलाफ गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। इसी आदेश को चुनौती देते हुए अभिषेक बनर्जी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की।

ये भी पढ़ें: Indore News: किराएदारों-कर्मचारियों की जानकारी छुपाने वाले 14 लोगों पर FIR, दिल्ली ब्लास्ट के बाद सघन चेकिंग
विज्ञापन


याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि वे संसद सदस्य हैं और उनके फरार होने की कोई संभावना नहीं है। उन्होंने व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट की मांग करते हुए आवेदन प्रस्तुत किया था लेकिन एमपी-एमएलए कोर्ट ने आवेदन पर विचार किए बिना ही गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया।

याचिकाकर्ता की दलील थी कि कानूनी प्रक्रिया के तहत पहले उनके आवेदन पर विचार किया जाना चाहिए था। इसके बाद ही गिरफ्तारी वारंट जारी करने का निर्णय लिया जाना चाहिए था। उन्होंने यह भी कहा कि वे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में उपस्थित होने को तैयार हैं।
विज्ञापन


हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मामले पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। इस मामले में अभिषेक बनर्जी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल खरे और मानन अग्रवाल ने पैरवी की।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें