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MP: पीएम मोदी पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले कांग्रेस नेता पटेरिया को मिली जमानत, दिसंबर में हुए थे गिरफ्तार

Mon, 27 Feb 2023 01:52 PM IST
अंकिता विश्वकर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर

सार

कांग्रेस नेता राजा पटेरिया पर पन्ना के पवई थाने में पीएम पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने तथा अल्पसंख्यकों को धर्म व जाति के नाम पर उकसाने के आरोप में केस दर्ज किया गया था। पुलिस ने 13 दिसंबर को उन्हें गिरफ्तार किया था।
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पीएम पर विवादित टिप्पणी करने वाले राजा पटेरिया को मिली जमानत - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले कांग्रेस के पूर्व मंत्री राजा पटेरिया को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट से राहत मिली है। हाईकोर्ट जस्टिस संजय द्विवेदी की एकलपीठ ने उन्हें जमानत दे दी है। ढाई माह से अधिक समय जेल में बंद रहने के बाद कांग्रेस नेता को जमानत का लाभ मिला है। हाईकोर्ट ने पूर्व में तल्ख टिप्पणी के साथ उनकी तरफ से दायर  जमानत आवेदन को खारिज कर दिया था। दूसरे आवेदन की सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने उन्हें जमानत का लाभ प्रदान किया है।
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प्रधानमंत्री पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने तथा अल्पसंख्यकों को धर्म व जाति के नाम पर उकसाने के अपराध में पन्ना के पवई थाने में कांग्रेस नेता व पूर्व मंत्री राजा पटेरिया के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। पुलिस ने 13 दिसंबर को उन्हें गिरफ्तार किया था। पवई कोर्ट तथा ग्वालियर जिले की विशेष (एमपी-एमएलए) कोर्ट से उनकी जमानत खारिज खारिज हो गयी थी। जिसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट की शरण ली थी।

हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच में दायर जमानत याचिका सुनवाई के लिए मुख्य पीठ में ट्रांसफर कर दी गई। याचिका की सुनवाई के बाद एकलपीठ को बताया गया था कि आवेदक के खिलाफ  जो धाराएं लगाई गई हैं, उसमें कोई तथ्य नहीं हैं। राजनीति दुर्भावना के कारण उनके खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है। जो सीडी पेश की गयी है, उसमें छेड़छाड़ की गयी है। आवेदक ने जो वक्तव्य दिया था, उसी में मंतव्य भी स्पष्ट कर दिया था। उनके बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया था। वहीं, शासन की ओर से जमानत का विरोध किया गया।  
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एकलपीठ ने 11 जनवरी को याचिका को खारिज करते हुए अपने  फैसले में कहा था कि जमानत आवेदन पर सीडी का परीक्षण व उसकी शुध्दता पर विचार करना उचित नहीं होगा। जेल में बंद अवधि को देखते हुए जमानत प्रदान करने से समाज में गलत संदेश जायेगा। ये कहते हुए न्यायालय ने याचिका खारिज कर दी थी। एकलपीठ ने अपने आदेश में कहा है कि निरूध्द अवधि देखते हुए जमानत प्रदान करने से समाज में गलत संदेश जायेगा। एकलपीठ ने याचिकाकर्ता को स्वतंत्रता दी है कि वह 30 दिन बाद पुनः जमानत के लिए आवेदन कर सकते हैं। हाईकोर्ट द्वारा निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद कांग्रेस नेता की तरफ से जमानत के लिए दूसरा आवेदन पेश किया गया था। एकलपीठ ने सुनवाई के बाद कांग्रेस नेता को जमानत का लाभ प्रदान कर दिया। 
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