मध्य प्रदेश से राज्यसभा चुनाव के दौरान नामांकन पत्र निरस्त किए जाने के खिलाफ कांग्रेस नेत्री मीनाक्षी नटराजन ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में चुनाव याचिका दायर की है। याचिका में दावा किया गया है कि न्यायालय में लंबित प्रकरण की जानकारी छिपाने के आधार पर उनका नामांकन नियमों के विपरीत निरस्त किया गया। मामले में इसी सप्ताह सुनवाई होने की संभावना है।
दरअसल, राज्यसभा सदस्य के लिए मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रिटर्निंग ऑफिसर ने निरस्त कर दिया था। भाजपा की ओर से आपत्ति दर्ज कराई गई थी कि उनके खिलाफ एक न्यायालय में समन जारी हुए थे, जिसकी जानकारी उन्होंने नामांकन पत्र में नहीं दी।
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नामांकन रद्द होने के बाद मीनाक्षी नटराजन ने पहले चुनाव आयोग में अपील की, लेकिन वहां से राहत नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। सर्वोच्च न्यायालय ने चुनाव प्रक्रिया शुरू हो जाने का हवाला देते हुए हस्तक्षेप से इनकार कर दिया था, हालांकि उन्हें चुनाव याचिका दायर करने की स्वतंत्रता दी थी।
हाईकोर्ट में दायर याचिका में कहा गया है कि तेलंगाना की एक अदालत ने एक महिला की ओर से दायर परिवाद पर सुनवाई के दौरान उन्हें केवल प्रतिवादी बनाए जाने के कारण समन जारी किए थे। याचिका के अनुसार, परिवाद में उनके खिलाफ कोई विशिष्ट आरोप नहीं था और समन केवल उनका पक्ष जानने के लिए जारी किए गए थे। ऐसे में उनके खिलाफ कोई लंबित आपराधिक प्रकरण नहीं था, इसलिए रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा नामांकन निरस्त किया जाना नियमों के विपरीत और अवैध है।