सीबीआई जांच में अपात्र कॉलेज के छात्रों को शामिल किया जा रहा विशेष परीक्षा में
प्राइवेट नर्सिंग कॉलेज ऑल इंडिया एसोसिएशन की तरफ से दायर याचिका में आरोप लगाते हुए कहा गया था कि सीबीआई की जांच में सिर्फ कागजों में संचालित नर्सिंग कॉलेज के छात्राओं को जेएनएम की परीक्षा में शामिल किया जा रहा है। गलत तथ्य पेश कर हाईकोर्ट से इन कॉलेज के छात्रों को परीक्षा में शामिल करने की अनुमति प्रदान की गई है, जिसका विरोध राज्य सरकार की तरफ से नहीं किया गया था। याचिका की सुनवाई के दौरान मध्य प्रदेश नर्सिंग काउंसलिंग की तरफ से बताया गया कि 10 अक्तूबर को आयोजित होने वाली परीक्षा को निरस्त कर दिया गया है।
युगलपीठ ने याचिका की प्रारंभिक सुनवाई के बाद याचिकाकर्ता एसोसिएशन को कहा है कि विशेष परीक्षा की नई अधिसूचना जारी होती है, तो वह अर्जेंट हायरिंग का आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। युगलपीठ ने उक्त याचिका की सुनवाई मुख्य याचिका के साथ करने के आदेश जारी किए हैं। याचिकाकर्ता एसोसिएशन की तरफ से दायर याचिका में कहा गया है कि पूर्व में कुछ छात्रों ने पूर्व में हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। जिसमें कहा गया था कि उनके कॉलेज के निरीक्षण हो चुके हैं। इसमें उन कॉलेजों को क्लीन चिट भी मिल गई है। इसके बावजूद उन्हें जीएनएम की विशेष परीक्षा में शामिल नहीं किया जा रहा है। इस पर कोर्ट ने उक्त छात्रों को विशेष परीक्षा में बैठने की अनुमति दे दी थी।
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एसोसिएशन की तरफ से दायर याचिका में कहा गया कि उक्त मामले में राज्य नर्सिंग काउंसिल की ओर से कोई आपत्ति नहीं जताई गई और न ही यह बताया कि इन छात्रों में सीबीआई की जांच में अनसूटेबल पाए गए कॉलेजों के छात्र भी शामिल हैं। जिसके कारण अनसूटेबल कॉलेजों के छात्रों को भी विशेष परीक्षा में बैठने की अनुमति मिल गई। तर्क दिया गया कि इस आदेश के चलते बिना शिक्षा और प्रैक्टिकल ज्ञान वाले छात्रों के नर्सिंग प्रोफेशन में आने की आशंका है। हाई कोर्ट के पूर्व आदेश को वापस लेने का आग्रह किया गया। यह भी कहा गया कि विशेष परीक्षा 10 अक्तूबर को ही होने वाली थी, लेकिन फिलहाल स्थगित कर दी गई है। कभी भी फिर से इसकी अधिसूचना हो सकती है।