सार
Jabalpur Bargi Dam Cruise Accident: आंधी-तूफान में डूबते क्रूज से 11 साल का जाफर हिम्मत नहीं हारा, कांच तोड़कर बाहर निकला और लहरों से लड़ते हुए किनारे पहुंच गया, लेकिन इस हादसे में उसने अपनी नानी को हमेशा के लिए खो दिया।
मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी डैम में हुए दर्दनाक क्रूज हादसे की तस्वीरें अब धीरे-धीरे साफ हो रही हैं। जहां एक तरफ कई परिवारों में मातम पसरा है, वहीं कुछ ऐसी कहानियां भी सामने आई हैं जो हौसले और जज्बे की मिसाल बन गई हैं। ऐसी ही एक कहानी है 11 साल के जाफर जैदी की, जिसने मौत के मुंह से खुद को बाहर निकाल लिया।
आंधी-तूफान के बीच जब क्रूज अचानक डूबने लगा, तब अफरातफरी मच गई। बड़े-बड़े लोग घबरा गए, लेकिन जाफर ने हिम्मत नहीं हारी। वह अपनी नानी के साथ घूमने आया था, लेकिन इस हादसे में उसने अपनी नानी को हमेशा के लिए खो दिया। जाफर के रिश्तेदार सैय्यद इफ्तार अली रिजवी बताते हैं कि जैसे ही उन्हें घटना की जानकारी मिली, वे तुरंत मौके की ओर दौड़े। परिवार के चार सदस्य क्रूज में सवार थे, जिनमें से केवल जाफर ही जिंदा बाहर निकल सका। इतने छोटे बच्चे की बहादुरी हर किसी को हैरान कर रही है।
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जाफर ने क्या बताया?
जाफर ने बताया कि शुरुआत में मौसम सामान्य था, लेकिन अचानक तेज आंधी और ऊंची लहरों ने हालात बिगाड़ दिए। यात्रियों ने क्रूज को वापस लौटाने की मांग की, लेकिन स्टाफ ने खतरे को नजरअंदाज किया। यहां तक कि लोगों को लाइफ जैकेट भी समय पर नहीं दी गई। जब हालात बेकाबू हुए, तो क्रूज में पानी भरने लगा और वह एक तरफ झुक गया। जाफर किसी तरह कांच तोड़कर बाहर निकलने की कोशिश कर रहा था, लेकिन इसी दौरान उसका पैर फंस गया और वह कुछ समय के लिए क्रूज के नीचे दब गया। हिम्मत जुटाकर वह बाहर निकला और टायर पकड़कर खुद को संभाले रखा। आखिरकार वह लहरों से लड़ते हुए किनारे तक पहुंच गया। यह हादसा न सिर्फ सिस्टम की लापरवाही को उजागर करता है, बल्कि एक 11 साल के बच्चे के अदम्य साहस की कहानी भी बयां करता है, जिसने मौत को मात देकर जिंदगी को थाम लिया।