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Jabalpur: सात साल की बच्ची ने कहा- मां के साथ रहना चाहती हूं, हाईकोर्ट ने मां को सौंपी कस्टडी

Thu, 04 Jun 2026 09:46 PM IST
जबलपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर

सार

जबलपुर में सात वर्षीय बच्ची की कस्टडी विवाद मामले में हाईकोर्ट ने बच्ची की इच्छा को महत्व देते हुए उसे मां के सुपुर्द करने के आदेश दिए। अदालत ने कहा कि बच्ची पिता से बात कर सकेगी और पिता को कानूनी विकल्प अपनाने की स्वतंत्रता रहेगी।

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सात साल की बच्ची ने कहा मॉ के साथ रहना चाहती हूॅ
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विस्तार
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मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सात वर्षीय बच्ची की इच्छा को प्राथमिकता देते हुए उसकी कस्टडी मां को सौंपने के आदेश दिए हैं। जस्टिस प्रणय वर्मा और जस्टिस जे.के. पिल्लई की खंडपीठ ने अपने आदेश में कहा कि बच्ची जब चाहे अपने पिता से बात कर सकती है। साथ ही, पिता को इस मामले में अन्य कानूनी विकल्प अपनाने की स्वतंत्रता भी दी गई है।

जबलपुर निवासी प्रियंका द्वारा दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका में कहा गया था कि उनकी सात वर्षीय बेटी बचपन से उनके साथ रह रही है। याचिका के अनुसार, नर्मदापुरम निवासी उनके पति 27 मई को बेटी से मिलने आए थे और उसे अपने साथ ले गए। उन्होंने बच्ची को वापस भेजने का आश्वासन दिया था, लेकिन ऐसा नहीं किया। इसके बाद मां ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की।

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सुनवाई के दौरान पिता नरेंद्र ने स्वीकार किया कि बेटी बचपन से अपनी मां के साथ रहती है। उन्होंने यह भी कहा कि किसी न्यायालय ने अब तक बच्ची की कस्टडी उन्हें नहीं सौंपी है। उनका तर्क था कि बेटी अपनी दादी से मिलना चाहती थी, इसलिए उसे साथ ले जाया गया था और यह अपहरण का मामला नहीं है।

खंडपीठ ने मामले की सुनवाई के दौरान बच्ची को न्यायालय में पेश करने के निर्देश दिए थे। अदालत में बच्ची ने स्पष्ट रूप से कहा कि वह अपनी मां के साथ रहना चाहती है और पिता के साथ नहीं रहना चाहती।

बच्ची की इच्छा और मामले के तथ्यों को देखते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि यह नहीं माना जा सकता कि पिता ने बच्ची की कस्टडी वैध रूप से प्राप्त की थी। अदालत ने तत्काल बच्ची की कस्टडी मां को सौंपने के आदेश देते हुए याचिका का निपटारा कर दिया।

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