जबलपुर में ग्रेनेडियर्स रेजिमेंट केंद्र द्वारा आयोजित सूर्या हाफ मैराथन के नाम पर एक निजी कंपनी ने 54 लाख रुपये की ठगी को अंजाम दिया है। सिने क्राफ्ट एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड के संचालक राहुल मिश्रा पर आरोप है कि उन्होंने प्रतिभागियों से वसूली गई फीस अपने खाते में रखी और जीआरसी को नहीं सौंपी।
सूर्या हॉफ मैराथन के आयोजन के नाम पर एक निजी कंपनी द्वारा सेना को 54 लाख रुपये की चपत लगाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। ग्रेनेडियर्स रेजिमेंट सेंटर (GRC) जबलपुर द्वारा आयोजित इस मैराथन में पंजीकरण शुल्क के रूप में एकत्र की गई राशि सेना के खाते में स्थानांतरित नहीं की गई, जिससे जीआरसी को भारी वित्तीय नुकसान हुआ है।
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धोखाधड़ी की शिकायत पर एफआईआर दर्ज
गोरखपुर थाना प्रभारी नितिन कमल के अनुसार, सूर्या हाफ मैराथन का आयोजन 17 नवंबर 2024 को मध्य भारत आर्मी हेडक्वार्टर सेंट्रल कमांड के तत्वावधान में किया गया था, जिसमें जीआरसी जबलपुर को नोडल एजेंसी बनाया गया था। आयोजन के लिए सिने क्राफ्ट एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड के संचालक राहुल मिश्रा से एमओयू (मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग) किया गया था। कंपनी ने दावा किया था कि जबलपुर के कई बड़े इवेंट्स जैसे घाट फेस्टिवल का आयोजन उसी के द्वारा किया जाता है। कंपनी ने मैराथन आयोजन के लिए "इंडिया रनिंग" प्लेटफॉर्म के साथ साझेदारी की और इसी माध्यम से प्रतिभागियों से रजिस्ट्रेशन फीस ली गई।
इंडिया रनिंग के माध्यम से कुल ₹53,55,369 बतौर पंजीकरण शुल्क एकत्र किए गए, लेकिन यह राशि कंपनी ने अपने खाते में रख ली और अनुबंध के अनुसार जीआरसी के खाते में ट्रांसफर नहीं की। जीआरसी ने कई बार कंपनी संचालक से संपर्क किया, लेकिन हर बार टालमटोल कर आश्वासन दिया जाता रहा।
इस बीच जानकारी मिली कि कंपनी संचालक राहुल मिश्रा के खिलाफ पहले भी घाट फेस्टिवल के नाम पर धोखाधड़ी का केस दर्ज है और उसे जेल भी भेजा जा चुका है। इसके बावजूद सूर्या हाफ मैराथन की फीस की रकम जीआरसी को नहीं दी गई। आख़िरकार, जीआरसी की शिकायत पर गोरखपुर पुलिस ने कंपनी संचालक राहुल मिश्रा के खिलाफ धोखाधड़ी सहित कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। हालांकि अभी तक आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है और पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।