एक नाबालिग को उसके जीजा ने डरा-धमकाकर अपने घर पर बंधक बनाकर उसका दैहिक शोषण करता रहा। पीड़िता ने जब मामले की शिकायत माढ़ोताल व गोहलपुर पुलिस में दर्ज करानी चाही तो पुलिस आनाकानी करती रही। इसके बाद मामले को लेकर परिवाद दायर हुआ और आधारताल थाने में केस दर्ज हुआ। पॉक्सो की विशेष जज ज्योति मिश्रा की कोर्ट ने गवाहों व साक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए आरोपी राजभान को सात साल की सजा सुनाई और चार हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
अदालत को अभियोजन पक्ष ने बताया कि आरोपी राजभान शादी के तीन साल बाद से ही अपनी पत्नी को परेशान और प्रताड़ित करने लगा। 5 दिसंबर 2012 को पीड़िता के घर फोन आया कि आरोपी ने उनकी बेटी के साथ मारपीट कर घर से निकाल दिया है। इस पर पीड़िता के माता-पिता आरोपी राजभान के घर गए। इसका फायदा उठाकर राजभान ससुराल पहुंचा और नाबालिग साली को बहला-फुसलाकर अपने साथ कटंगी बाइपास पर ले गया। माता-पिता को जान से मारने की धमकी देकर वह उसे अपने घर ले गया। दस दिन तक बंधक बनाकर रखा और उसकी मर्जी के खिलाफ दैहिक शोषण करता रहा। मामले में शासन की ओर से एडीपीओ बबिता कुल्हाड़ा ने पैरवी की।