छत्तीसगढ़ के रायपुर में आयोजित धर्म संसद में कालीचरण महाराज द्वारा दिए गए विवादित बयान के खिलाफ जिला न्यायालय में प्रतिवाद दायर किया गया था। सिविल जज किरण मलिक ने परिवाद की सुनवाई करते हुए ओमती थाना प्रभारी को जांच प्रतिवेदन पेश करने के निर्देश जारी किए हैं।
अधिवक्ता श्रीकांत विश्वकर्मा ने बताया कि रायपुर में 26 दिसंबर 2021 को आयोजित धर्म संसद में कालीचरण महाराज ने महात्मा गांधी के खिलाफ अपशब्दों का प्रयोग किया था। इसके अलावा एक धर्म विशेष को दूसरे के खिलाफ हथियार उठाने की बात कहते हुए शांति व्यवस्था भंग करने का प्रयास किया था। इसी दिन उन्होंने शाम 7 बजे वीडियो रिकॉर्डिग के साथ ओमती थाने पहुंचकर मौखिक रूप से शिकायत करते हुए एफआईआर दर्ज करने की अनुरोध किया था। पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज नहीं करने पर उन्होंने 3 जनवरी 2021 को ओमती थाने में लिखित आवेदन किया था।
इसके अलावा पुलिस महानिदेशक, पुलिस महानिरीक्षक व पुलिस अधीक्षक को शिकायत करते हुए एफआईआर दर्ज करने का आग्रह किया था। पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज नहीं किए जाने के खिलाफ उक्त परिवाद दायर किया गया है। परिवाद में कालीचरण महाराज के खिलाफ देशद्रोह सहित अन्य धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किए जाने की राहत चाही गई है। परिवाद की सुनवाई करते हुए जिला न्यायालय ने ओमती थाना प्रभारी को प्रकरण में जांच प्रतिवेदन पेश करने के निर्देश जारी किए हैं।