हाईकोर्ट ने वेस्ट सेन्द्रल रेलवे मजूदर संघ की नवगठित कार्यकारिणी को कार्य करने की अनुमति प्रदान की है। हाईकोर्ट जस्टिस पीके कौरव की एकलपीठ ने कमेटी को जरूरी आवश्यकताओं के लिए बैंक खाते से राशि निकालने के अधिकार भी प्रदान किए हैं। याचिका पर अगली सुनवाई जनवरी के दूसरे सप्ताह में निर्धारित की गई है।
संघ की महिला उपाध्यक्ष बताते हुए श्रीमति सविता त्रिपाठी ने रजिस्टर्ड फर्म एवं सोसाइटी द्वारा नई कार्यवाही को मान्यता दिए जाने के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट ने नई कार्यवाही के कार्यभार संभालने पर रोक लगाते हुए बैंक खाते से लेन-देन पर रोक लगा थी। इसके बाद नवगठित कार्यकारिणी की तरफ से हाईकोर्ट में हस्तक्षेप आवेदन पेश किया गया था। जिसकी सुनवाई के दौरान युगलपीठ को बताया गया कि पूर्व अध्यक्ष ने संघ के खाते से लाखों रुपये का गबन किया है। जिसके कारण उनके खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज करवाई गई है।
इसके अलावा उन्होंने अपने बेटों को कार्यवाहक अध्यक्ष बना दिया है, जो रेलवे में कार्यरत नहीं हैं। एकलपीठ ने सुनवाई के बाद नई कार्यकारिणी को कार्यभार संभालने तथा जरूरी आवश्यकता के लिए बैंक से राशि निकालने की स्वतंत्रता प्रदान की है। याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता संकल्प कोचर उपस्थित हुए।