शहर की पहाड़ियों में अतिक्रमण को चुनौती देते हुए नागरिक उपभोक्ता मंच, किशोरी लाल भलावी, जकी अहमद सहित 14 व्यक्तियों द्वारा हाईकोर्ट में याचिकाएं दायर की गई थीं। याचिकाओं पर पूर्व में हुई सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट को बताया गया था कि महल पहाड़ी पर 5 सौ अतिक्रमण शेष थे, जिनमें से 2 सौ हटाए जा चुके हैं। शेष 3 सौ अतिक्रमणों को हटाए जाने की कार्रवाई की जा रही है। सरकार की तरफ से परिपालन रिपोर्ट पेश करने के लिए समय प्रदान करने का आग्रह किया गया था।
याचिकाकर्ताओं की ओर से विरोध करते हुए न्यायालय को बताया गया था कि मदनमहल व सूपाताल की पहाड़ियों में पुनः अतिक्रमण हो गए हैं। राजस्व अधिकारियों की उदासीनता और मिलीभगत से पुनः अतिक्रमण किए जा रहे हैं। शहर की पहाड़ियों का अभी तक सर्वे नहीं किया गया है। बदनपुर दानव बाबा की पहाड़ी पर 41 अवैध ड्यूप्लेक्स बिल्डरों ने बना रखे हैं, जिसको तोडऩे के लिए दो साल पहले समय लिया गया था, लेकिन अभी तक उन्हें हटाया नहीं गया है। जिस आरआई व तहसीलदार ने शासकीय भूमि व पहाड़ी पर निर्माण की अनुमति दी उन पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। न्यायालय ने पहाड़ियों का सर्वे करने के निर्देश देते हुए इसके लिए कोर्ट मित्र अधिवक्ता आदित्य अधिकारी को नियुक्त किया था। न्यायालय ने उन्हें पुलिस सुरक्षा प्रदान करने के आदेश भी जारी किए थे।
याचिका की सुनवाई के दौरान कोर्ट मित्र ने फोटो व नक्शे सहित निरीक्षण रिपोर्ट पेश की। रिपोर्ट में बताया गया कि पहाड़ियों में बड़ी संख्या में अतिक्रमण है। पूर्व में हटाए गए स्थलों पर पुनः अतिक्रमण कर लिया गया है। सरकार की तरफ से कार्रवाई के लिए समय प्रदान करने का आग्रह किया गया। युगलपीठ ने सरकार को कार्रवाई के लिए समय प्रदान करते हुए उक्त आदेश जारी किए। याचिकाकर्ताओं की तरफ से अधिवक्ता सतीश वर्मा, अधिवक्ता जकी अहमद ने पैरवी की।