कोर्ट ने नोटिस जारी कर जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं।
- फोटो : सोशल मीडिया
भोपाल में कॉलोनाइजर लाइसेंस निरस्त होने के बावजूद भी सच्चिदानंद नगर में बेचे गए प्लॉट व टीएनसीपी की 80 फीट चौड़ी रोड पर अवैध कब्जा कर कमर्शियल कॉम्प्लेक्स का निर्माण किए जाने का आरोप लगाते हुए मामले को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। चीफ जस्टिस रवि विजय मलिमठ व जस्टिस पुरुषेन्द्र कौरव की युगलपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए अनावेदकों को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं।
यह मामला भोपाल की जन जागृति समिति की ओर से दायर किया गया है। जिसमें कहा गया है कि सच्चिदानंद नगर में गायत्री गृह निर्माण समिति ने एक कॉलोनी निर्माण के लिए प्लॉटिंग की थी, आरोप है कि कालोनाइजर लाइसेंस निरस्त होने के बावजूद भी प्लॉट बेचे गए। आरोप है कि टीएनसीपी से एप्रूव 80 फीट चौड़ी रोड के 60 फीट से अधिक हिस्से पर प्लॉट क्रय करने वाले लोगों ने अवैध रूप से कमर्शियल कॉम्प्लेक्स का निर्माण कर लिया, जिसकी शिकायत की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। जबकि उक्त रोड भोपाल के मास्टर प्लान पर भी दर्शित है।
मामले में नगरीय प्रशासन विभाग के सचिव, भोपाल नगर निगम, कलेक्टर, टीएनसीपी के डायरेक्टर, एसपी साउथ भोपाल, सहित अनावेदक शेख मोहम्मद असलम, यासमीन बी, मोह. अनवर सिद्दकी, सलीम मोहम्मद को पक्षकार बनाया गया है। सुनवाई पश्चात न्यायालय ने अनावेदकों को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता परिमल चतुर्वेदी ने पक्ष रखा।