शेखावत भाजपा नगर अध्यक्ष के साथ।
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केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक रहे समंदर पटेल भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल होने भोपाल पहुंच गए हैं। इससे पहले उनका काफिला बदनावर से गुजरा। इसके कुछ देर बाद सोशल मीडिया पर यह मैसेज चल पड़े कि भाजपा से नाराज चल रहे वरिेष्ठ नेता भंवर सिंह शेखावत भी पार्टी छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो रहे हैं। इसके बाद शेखावत को भी सफाई देना पड़ी कि उनका भाजपा छोड़ने का इरादा नहीं है। उन्होंने कहा कि न तो कांग्रेस की तरफ से उन्हें आफर मिला है और न ही उन्होंने किसी कांग्रेस नेता से संपर्क किया है।
मैसेज वायरल होने के बाद भाजपा नगर अध्यक्ष पहुंचे
शेखावत के कांग्रेस में शामिल होने के मैसेज वायरल होने के बाद भाजपा के इंदौर नगर अध्यक्ष गौरव रणदिवे, आईडीए अध्यक्ष जयपाल सिंह चावड़ा, आशीष दीक्षित उनसे मिलने पहुंचे। इसके बाद शेखावत ने कहा कि मेरे साथ मेरी पार्टी के अध्यक्ष खड़े हैं। मैंने किसी से नहीं कहा कि मैं भाजपा छोड़ रहा हूं।
दो बार विधायक रहे चुके हैं शेखावत
भाजपा नेता भंवर सिंह शेखावत की गिनती भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में होती है। वे पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन, भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय से भी वरिष्ठ नेता हैं। 90 के दशक में वे पांच नंबर विधानसभा क्षेत्र से विधायक रह चुके हैं। इसके अलावा वे बदनावर से भी विधायक रह चुके हैं। वर्ष 2018 में उन्हें पार्टी ने फिर बदनावर से टिकट दिया था, लेकिन वे कांग्रेस उम्मीदवार राजवर्धन सिंह दत्तीगांव से चुनाव हार गए थे। बाद में दत्तीगांव ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ भाजपा में शामिल हो गए थे। पार्टी ने उन्हें फिर उपचुनाव में भाजपा का उम्मीदवार बनाया था। इसका शेखावत ने विरोध किया था। 2018 के चुनाव में उनके सामने निर्दलीय खड़े राजेश अग्रवाल को भी भाजपा में शामिल करने से शेखावत नाराज थे। इसके बाद उन्होंने कई मर्तबा पार्टी विरोधी बयान दिए थे।